Meaning of

ख़ूँ

khoon • خوں

खून; जीवन शक्ति; जीवंतता

blood; life force; vitality

خون; زندگی کی قوت; توانائی

Persian

सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ — Jaun Elia
रंग की अपनी बात है वर्ना आख़िरश ख़ून भी तो पानी है — Jaun Elia
क्यूँ लिखूँ ज़ुल्फ़-ओ-लब-ओ-रुख़सार पे नग़्में बहुत प्यार की पहली नज़र रुस्वाइयाँ ही क्यूँ लिखूँ — nakul kumar
आँखें देखूँ तो नज़र चेहरे से हट जाती है ऐसी औरत है मुकम्मल नहीं देखी जाती — Fareh Shujeeh
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे — Rahat Indori
सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है — Rahat Indori
नहीं देखी है शकल तक उस की ख़्वाब में किस की शकल देखूँ मैं — Jaun Elia
अब मैं क्या अपनी मोहब्बत का भरम भी न रखूँ मान लेता हूँ कि उस शख़्स में था कुछ भी नहीं — Jawwad Sheikh
इक ज़रा बात पर अपने से पराए हुए लोग हाए वो ख़ून पसीने से कमाए हुए लोग — Khan Janbaz

'ख़ूँ' शब्द अपने शाब्दिक अर्थ में खून, जीवन के सार का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर बलिदान, जुनून और मानव अस्तित्व के गहरे भावनात्मक प्रवाह का प्रतीक होता है।

कवि अक्सर 'ख़ूँ' का उपयोग बलिदान और तीव्र भावनाओं के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम, शहादत और जीवन के संघर्षों से जुड़ा होता है।

कविता में, 'ख़ूँ' मानव जीवन को परिभाषित करने वाले उत्साह और बलिदानों की गवाही के रूप में बहता है।