Meaning of

ज़वाल

zawaal • زوال

पतन; गिरावट; अस्त

decline; fall; sunset

زوال; گراوٹ; غروب

Arabic

गर यही है उरूज मेरा तो ऐ ख़ुदा फिर ज़वाल अच्छा है — Shadab Shabbiri
मैं क्या बताऊँ के मैं किस मकाम पर हूँ खड़ा मेरे अरुज़ से पहले मेरा ज़वाल हुआ — Md Akhter Ansari
ख़यालों में, नज़ारों में, किताबों में, सवालों में कि मुझ को याद आए तुम, सफ़र के इन ज़वालों में — Nikhil Tiwari Nirbhay
ज़िन्दगी मुस्तक़िल वबाल रही हर घड़ी थी ज़वाल की सूरत — Kiran K
है तिरा ही ख़याल तो मुझ को है तिरा ही ज़वाल तो मुझ को — Vinod Ganeshpure

ज़वाल हर शिखर के बाद आने वाले अवश्यंभावी पतन को व्यक्त करता है। यह कोमल अवरोह है, सूर्यास्त की मद्धम होती रोशनी, और परिवर्तन की शांत स्वीकृति। कविता में, यह अक्सर एक युग के अंत, प्रेम के क्षीण होने, या समय के बीतने का प्रतीक होता है।

कवि 'ज़वाल' का उपयोग अंत की उदासी को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह 'उरूज' के साथ विपरीत होता है, जीवन की चक्रीय प्रकृति पर जोर देते हुए। यह शब्द हानि, स्मृति, और पतन में पाई जाने वाली सुंदरता के बारे में छंदों में दिखाई देता है।

ज़वाल हमें अंत में सुंदरता की याद दिलाता है, स्वीकृति की ओर एक कोमल धक्का। यह वह संध्या है जो हमें रात के लिए तैयार करती है।