Meaning of

ख़याले

Khayaale • خیال

विचार; कल्पना; चिंतन

thought; imagination; reflection

خیال; تصور; غور و فکر

Arabic

कैसे किसी की याद हमें ज़िंदा रखती है
एक ख़याल सहारा कैसे हो सकता है

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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है

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करता नहीं ख़याल तेरा इस ख़याल से
तंग आ गया अगर तू मेरी देखभाल से

चल मेरे साथ और तबीयत की फ़िक्र छोड़
दो मील दूर है मेरा घर अस्पताल से

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मैं क्या बताऊँ वो कितना क़रीब है मेरे
मेरा ख़याल भी उस को सुनाई देता है

वो जिस ने आँख अता की है देखने के लिए
उसी को छोड़ के सब कुछ दिखाई देता है

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बाग़बाँ हम तो इस ख़याल के हैं
देख लो फूल फूल तोड़ो मत

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धोखा है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है

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ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह

गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था
किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

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जहाँ पंखा चल रहा है वहीं रस्सी भी पड़ी है
मुझे फिर ख़याल आया, अभी ज़िन्दगी पड़ी है

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याराँ वो जो है मेरा मसीहा-ए-जान-ओ-दिल
बे-हद अज़ीज़ है मुझे अच्छा किए बग़ैर

मैं बिस्तर-ए-ख़याल पे लेटा हूँ उस के पास
सुब्ह-ए-अज़ल से कोई तक़ाज़ा किए बग़ैर

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कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी

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कैसे किसी की याद हमें ज़िंदा रखती है
एक ख़याल सहारा कैसे हो सकता है

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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है

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मूल रूप से, 'ख़याले' विचारों और कल्पनाओं की दुनिया को दर्शाता है, जहाँ विचारों का जन्म और पोषण होता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानव चेतना की गहराइयों का अन्वेषण किया जा सके, जहाँ सपने और वास्तविकता आपस में मिलकर भावनाओं और चिंतन का ताना-बाना बुनते हैं।

कवि अक्सर 'ख़याले' का उपयोग विचारों और सपनों की अमूर्त दुनिया में उतरने के लिए करते हैं। यह ठोस और अमूर्त के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है, क्षणभंगुर पलों और शाश्वत सत्यों के सार को पकड़ता है।

ख़याले हमें हमारे मन के गलियारों में भटकने के लिए आमंत्रित करता है, जहाँ ज्ञात और अज्ञात सामंजस्य में नृत्य करते हैं।