Meaning of

अनुबंध

anubandh • عہد

समझौता; बंधन; अनुबंध

contract; bond; agreement

معاہدہ; بندھن; عہد

Sanskrit

मोहब्बत वहीं तक है सच्ची मोहब्बत
जहाँ तक कोई अहद-ओ-पैमाँ नहीं है

17

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गुजर चुकी जुल्मते शब-ए-हिज्र, पर बदन में वो तीरगी है
मैं जल मरुंगा मगर चिरागों के लो को मध्यम नहीं करूँगा

ये अहद ले कर ही तुझ को सौंपी थी मैं ने कलबौ नजर की सरहद
जो तेरे हाथों से क़त्ल होगा मैं उस का मातम नहीं करूँगा

64

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मेरी अक्ल-ओ-होश की सब हालतें
तुम ने साँचे में जुनूँ के ढाल दी

कर लिया था मैं ने अहद-ए-तर्क-ए-इश्क़
तुम ने फिर बाँहें गले में डाल दी

60

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ये सोच कर कोई अहद-ए-वफ़ा करो हम सेे
हम एक वादे पे 'उम्रें गुज़ार देते हैं

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'ताहिर' उन बे-बस लम्हों का अहद निभाना होगा
उस ने कहा था ख़त मत लिखना ग़ज़लें लिखते रहना

35

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तलाश हम को किसी भी बदन की है ही नहीं
हवस की भूख हमारे ज़ेहन की है ही नहीं

किसी से बिछड़े तो कोई फ़ना नहीं होता
क़ज़ा की बात तो अब के ज़मन की है ही नहीं

35

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इस अहद में हज़ार के नोटों की क़द्र है
गाँधी भी ख़ुश नहीं थे चवन्नी पे बैठ कर

33

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जुगनू को दिन के वक़्त परखने की ज़िद करें
बच्चे हमारे अहद के चालाक हो गए

30

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वफ़ा का अहद था दिल को सँभालने के लिए
वो हँस पड़े मुझे मुश्किल में डालने के लिए

27

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ये दाढ़ियाँ ये तिलकधारियाँ नहीं चलतीं
हमारे अहद में मक्कारियाँ नहीं चलतीं

क़बीले वालों के दिल जोड़िए मेरे सरदार
सरों को काट के सरदारियाँ नहीं चलतीं

22

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मोहब्बत वहीं तक है सच्ची मोहब्बत
जहाँ तक कोई अहद-ओ-पैमाँ नहीं है

17

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गुजर चुकी जुल्मते शब-ए-हिज्र, पर बदन में वो तीरगी है
मैं जल मरुंगा मगर चिरागों के लो को मध्यम नहीं करूँगा

ये अहद ले कर ही तुझ को सौंपी थी मैं ने कलबौ नजर की सरहद
जो तेरे हाथों से क़त्ल होगा मैं उस का मातम नहीं करूँगा

64

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अनुबंध एक बंधन का आभास कराता है, एक ऐसा वादा जो महत्वपूर्ण और अर्थपूर्ण होता है। कविता में, यह अक्सर आत्माओं को जोड़ने वाले अदृश्य धागों का प्रतीक होता है, दिलों के बीच किए गए मौन वादों का। यह शब्द कर्तव्य और प्रतिबद्धता की भावना को वहन करता है, फिर भी यह आपसी समझ की गर्माहट का संकेत भी देता है।

कवि अक्सर अनुबंध का उपयोग प्रेम और वफादारी के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रेमियों के बीच के शाश्वत बंधन या दोस्ती के पवित्र संबंधों का संकेत दे सकता है। यह शब्द स्वतंत्रता के विचार के विपरीत भी हो सकता है, चुने हुए प्रतिबद्धताओं की सुंदरता और बोझ को उजागर करते हुए।

अनुबंध दिल के गहरे वादों की बात करता है, उन बंधनों का प्रमाण है जिन्हें हम सम्मानित करने का चुनाव करते हैं। यह संबंध और प्रतिबद्धता का शब्द है।