ये दाढ़ियाँ ये तिलकधारियाँ नहीं चलतींहमारे अहद में मक्कारियाँ नहीं चलतींक़बीले वालों के दिल जोड़िए मेरे सरदारसरों को काट के सरदारियाँ नहीं चलतीं— Kaif Bhopali