Meaning of

अज़ीज़

aziz • عزیز

प्रिय; प्यारा; अति प्रिय

dear; beloved; cherished

پیارا; عزیز; محبوب

Arabic

उरूज पर है अज़ीज़ो फ़साद का सूरज
जभी तो सूखती जाती हैं प्यार की झीलें

19

Download Image

रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है
दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है

सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ
मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है

307

Download Image

ज़ुलेख़ा-ए-अज़ीज़ाँ बात ये है
भला घाटे का सौदा क्यूँ करें हम

80

Download Image

याराँ वो जो है मेरा मसीहा-ए-जान-ओ-दिल
बे-हद अज़ीज़ है मुझे अच्छा किए बग़ैर

मैं बिस्तर-ए-ख़याल पे लेटा हूँ उस के पास
सुब्ह-ए-अज़ल से कोई तक़ाज़ा किए बग़ैर

67

Download Image

अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए
अब इस क़दर भी न चाहो कि दम निकल जाए

44

Download Image

तुम्हारे शहर में तोहमत है ज़िंदा रहना भी
जिन्हें अज़ीज़ थीं जानें वो मरते जाते हैं

42

Download Image

बहुत क़रीब रही है ये ज़िन्दगी हम से
बहुत अज़ीज़ सही ए'तिबार कुछ भी नहीं

32

Download Image

अज़ीज़-तर मुझे रखता है वो रग-ए-जाँ से
ये बात सच है मेरा बाप कम नहीं माँ से

31

Download Image

दीवार क्या गिरी मिरे ख़स्ता मकान की
लोगों ने मेरे सेहन में रस्ते बना लिए

30

Download Image

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा
चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा

28

Download Image

उरूज पर है अज़ीज़ो फ़साद का सूरज
जभी तो सूखती जाती हैं प्यार की झीलें

19

Download Image

रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है
दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है

सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ
मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है

307

Download Image

'अज़ीज़' गहरे स्नेह और प्रियता की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह व्यक्तिगत से परे जाकर सार्वभौमिक प्रेम और प्रिय स्मृतियों का प्रतीक बन जाता है।

कवि 'अज़ीज़' का उपयोग गहरे प्रेम और लगाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर लालसा और स्मरण की कविताओं में आता है।

कविता के क्षेत्र में, 'अज़ीज़' प्रेम की स्थायी उपस्थिति की एक कोमल फुसफुसाहट है।