Meaning of

बया

bayaa • بیا

बुनकर पक्षी; शिल्प कौशल का प्रतीक

weaver bird; symbol of craftsmanship

بُنکر پرندہ; ہنر مندی کی علامت

Unknown

मुझे भी बख़्श दे लहजे की ख़ुश-बयानी सब
तेरे असर में हैं अल्फ़ाज़ सब, मआ'नी सब

मेरे बदन को खिलाती है फूल की मानिंद
कि उस निगाह में है धूप, छाँव, पानी सब

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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा
ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है

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हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे
कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और

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शौक़ है इस दिल-ए-दरिंदा को
आप के होंठ काट खाने का

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ग़म बयाँ करने का कोई और ढंग ईजाद कर
तेरी आँखों का ये पानी तो पुराना हो गया

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मेरी हर बात बे-असर ही रही
नक़्स है कुछ मिरे बयान में क्या

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एक आवाज़ पे आ जाती है दौड़ी दौड़ी
दश्त-ओ-सहरा-ओ-बयाबान नहीं देखती है

दोस्ती दोस्ती होती है तुम्हें इल्म नहीं
दोस्ती फ़ाइदा नुक़सान नहीं देखती है

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वो आदमी नहीं है मुकम्मल बयान है
माथे पे उस के चोट का गहरा निशान है

वो कर रहे हैं इश्क़ पे संजीदा गुफ़्तुगू
मैं क्या बताऊँ मेरा कहीं और ध्यान है

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तेरी रंजिश खुली तर्ज-ए-बयाँ से
न थी दिल में तो क्यूँँ निकली ज़बाँ से

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मुझ
में रहते हैं करोड़ों लोग चुप कैसे रहूँ
हर ग़ज़ल अब सल्तनत के नाम एक बयान है

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मुझे भी बख़्श दे लहजे की ख़ुश-बयानी सब
तेरे असर में हैं अल्फ़ाज़ सब, मआ'नी सब

मेरे बदन को खिलाती है फूल की मानिंद
कि उस निगाह में है धूप, छाँव, पानी सब

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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा
ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है

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बया, या बुनकर पक्षी, अपनी जटिल घोंसला बनाने की कला के लिए प्रसिद्ध है। कविता में, यह सृजन की सुंदरता और कलाकार की समर्पणता का प्रतीक है। पक्षी की नाजुक शिल्पकला को अक्सर कवि के शब्दों की बुनाई से तुलना की जाती है।

कवि अक्सर बया का उपयोग रचनात्मकता और सूक्ष्म प्रयास के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह जीवन की नाजुकता और सुंदरता का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है।

बया का घोंसला परिश्रम और रचनात्मकता में पाई जाने वाली सुंदरता का प्रमाण है।