Meaning of

बे-पनह

be-panah • بے پناہ

बेबस; असहाय

helpless; defenseless

بے بس; بے سہارا

Persian

बेवजह बंदिशें लगाई नहीं जाती
एक लड़की मुझे भुलाई नहीं जाती

चाहता हूँ उसी से शादी मेरी हो, सो
इश्क़ में कुंडली मिलाई नहीं जाती

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आज पहली दफ़ा लगा मुझ को
वो ज़रा बे-वफ़ा लगा मुझ को

बस बिना बात ही बिगड़ता था
बेवजह ही ख़फ़ा लगा मुझ को

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बेवजह मुझ सेे फिर ख़फ़ा क्यूँ है
ये कहानी ही हर दफ़ा क्यूँ है

कुछ भी मजबूरी तो नहीं दिखती
मैं क्या जानूं वो बे-वफ़ा क्यूँ है

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बेवजह ही मर गया है वो किसी की याद में
बुज़दिलों को इश्क़ से कुछ दूर होना चाहिए

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उम्र भर मैं ने चाहा जिसे बे-पनाह
काट कर उम्र भी उस को पाया नहीं

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जब मिला ग़म मुझे इश्क़ में बे-पनाह
दिल की ख़ुशियाँ मेरी गुम-शुदा हो गई

एक तरफ़ा मुहब्बत थी मेरी यहाँ
छोड़ कर मुझ को वो बे-वफ़ा हो गई

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आशिक़ था ऐसा मैं कि दग़ा कर नहीं सका
वो बे-वफ़ा था जो कि वफ़ा कर नहीं सका

करता था मैं उसी से मुहब्बत यूँँ बे-पनाह
चाहत का क़र्ज़ यार अदा कर नहीं सका

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क़ैद में हूँ हाल ये है बोलता तस्वीर से
अब परिंदे को मुहब्बत हो गई ज़ंजीर से

डाल कर झूठी हँसी मैं हँस रहा हूँ बेवजह
और ग़म तारी हुआ है अब मेरी तासीर से

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यार तू बेवजह ही मुझ सेे ख़फ़ा है
बेवफ़ाई आजकल रस्म-ए-वफ़ा है

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बेवजह जागना दो बजे तक मेरा
बेवजह है ये तुझ सेे कहा किस ने है

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बेवजह बंदिशें लगाई नहीं जाती
एक लड़की मुझे भुलाई नहीं जाती

चाहता हूँ उसी से शादी मेरी हो, सो
इश्क़ में कुंडली मिलाई नहीं जाती

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आज पहली दफ़ा लगा मुझ को
वो ज़रा बे-वफ़ा लगा मुझ को

बस बिना बात ही बिगड़ता था
बेवजह ही ख़फ़ा लगा मुझ को

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यह शब्द असुरक्षा और खुलापन की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर मानव स्थिति की नाजुकता या अत्यधिक भावनाओं के सामने असहायता को उजागर करता है।

कवि इस शब्द का उपयोग सहानुभूति उत्पन्न करने या समर्पण के मार्मिक क्षणों को रेखांकित करने के लिए करते हैं। यह एकांत में आत्मा की मौन पुकार को भी दर्शा सकता है।

अपनी शांत गूंज में, यह शब्द शक्ति और असुरक्षा के बीच के नाजुक संतुलन की बात करता है।