क़ैद में हूँ हाल ये है बोलता तस्वीर सेअब परिंदे को मुहब्बत हो गई ज़ंजीर सेडाल कर झूठी हँसी मैं हँस रहा हूँ बेवजहऔर ग़म तारी हुआ है अब मेरी तासीर से— Shubham Tiwari