Meaning of

चराग़ान

charaagaan • چراغاں

प्रकाश; उत्सव; चमक

illumination; festivity; brilliance

روشنی; جشن; چمک

Persian

किसी दैर मस्जिद चराग़ाँ नहीं
है कैसा ये पागल ज़माना नया

0

Download Image

कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए
कहाँ चराग़ मुयस्सर नहीं शहर के लिए

42

Download Image

महफ़िल में तेरी यूँँ ही रहे जश्न-ए-चरागाँ
आँखों में ही ये रात गुज़र जाए तो अच्छा

37

Download Image

प्यार की जोत से घर घर है चराग़ाँ वर्ना
एक भी शम्अ' न रौशन हो हवा के डर से

22

Download Image

होने दो चराग़ाँ महलों में क्या हम को अगर दीवाली है
मज़दूर हैं हम मज़दूर हैं हम मज़दूर की दुनिया काली है

21

Download Image

ख़्वाबों में सही रोज़ सताने के लिए आ
आ फिर से मिरे दिल को चुराने के लिए आ

हर कोई समझता है मुझे काँच का मरहम
कुछ और हूँ मैं इनको बताने के लिए आ

हर बार तिरे बस में कहाँ मुझ को उठाना
इस बार निगाहों से गिराने के लिए आ

वो रात वही दिन वही तन्हाई का आलम
आँखों में वही प्यास जगाने के लिए आ

साँसों के चराग़ाँ तिरी ज़ुल्फ़ों ने बुझाए
अब तू ही जनाज़े को उठाने के लिए आ

इक तेरे सिवा था ही मिरा कौन जहाँ में
सो क़ब्र की भी रस्म निभाने के लिए आ

जिन दस्त-ए-मुबारक में मिरी जान बसी थी
मस्जिद में वही हाथ उठाने के लिए आ

4

Download Image

हम चराग़ाँ करेंगे दिल अपना
ईद यादों के संग गुज़रेगी

2

Download Image

हर घर दियों से ही हमीं महफ़िल सजाते हैं चलो
जश्न-ए-चराग़ाँ भी सभी मिल के मनाते हैं चलो

2

Download Image

ख़ुदा है वो अलाउद्दीन का कोई चराग़ाँ तो नहीं जिस को
जरा रगड़ा तो निकला जिन्न लम्हे में ही कर दी ख़्वाहिशें पूरी

1

Download Image

चल कर 'शजर' ये शहर में सब को बताइए
दिल भर के रक़्स कीजिए महफ़िल सजाइए

माज़ी की सारी दिल से मिटाकर क़ुदूरतें
सब मिल के साथ जश्न-ए-चराग़ाँ मनाइए

0

Download Image

किसी दैर मस्जिद चराग़ाँ नहीं
है कैसा ये पागल ज़माना नया

0

Download Image

कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए
कहाँ चराग़ मुयस्सर नहीं शहर के लिए

42

Download Image

चराग़ान एक ऐसी जगह की छवि प्रस्तुत करता है जहाँ अनगिनत दीप जल रहे हों, जिससे उत्सव और आनंद का माहौल बनता है। कविता में, यह अक्सर आत्मा के आंतरिक प्रकाश या प्रिय की उपस्थिति की चमक का प्रतीक होता है।

कवि चराग़ान का उपयोग उत्सव के दृश्यों को चित्रित करने या किसी व्यक्ति के उज्ज्वल गुणों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अंधकार के साथ, दोनों ही शाब्दिक और रूपक रूप में, परिवर्तन या प्रकाशन को उजागर करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।

चराग़ान प्रकाश के अंधकार पर विजय की भावना को पकड़ता है, जो कविता में गहराई से गूंजता है।