चल कर 'शजर' ये शहर में सब को बताइएदिल भर के रक़्स कीजिए महफ़िल सजाइएमाज़ी की सारी दिल से मिटाकर क़ुदूरतेंसब मिल के साथ जश्न-ए-चराग़ाँ मनाइए— Shajar Abbas