Meaning of

दिल-ए-नादाँ

dil-e-naadaañ • دل ناداں

भोला दिल; मासूम दिल

innocent heart; naive heart

معصوم دل; بھولا دل

Persian

दिल-ए-नादाँ अगर मगर क्या है
ये बता दे के हम-स-फ़र क्या है

फिर कभी आ के बात कर मुझ सेे
ये भी तो जान रह गुज़र क्या है

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दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है

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इक दिन दिल-ए-नादाँ को समझ आएगा सब कुछ
अय्यार नहीं है मगर अंधा भी नहीं है

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जज़्बा-ए-दिल कहाँ बदलता है
हो दिल-ए-सख़्त कौन चलता है

देख कर हुस्न ये दिल-ए-नादाँ
प्यार के वास्ते मचलता है

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दिल-ए-नादाँ तू गर नहीं होता
ग़म न होता ख़ुशी नहीं होती

गर हमें सब्र-ओ-ज़ब्त आ जाता
अपनी जन्नत यही ज़मीं होती

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तू ख़ुद भी अपने आप से अब तक न मिल सका
दिल अपना तुझ को ऐ दिल-ए-नादान कौन दे

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दिल-ए-नादाँ को अक़्ल दे रहा हूँ
मय को मरहम की शक़्ल दे रहा हूँ

जो मोहब्बत पनप रही मुझ में
उसे नफ़रत की शक़्ल दे रहा हूँ

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मक़तल-ए-इश्क़ में आ कर दिल-ए-नादाँ ने कहा
आज हम ज़ायका-ए-जाम-ए-शहादत लेंगे

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ज़िन्दगी ये इस कदर जब्र-ए-मुसलसल कर रही है
मुझ सेे पहले अब मेरी नाकाम ख़्वाहिश मर रही है

ना-गवारा है दिल-ए-नादाँ को लम्हे का धड़कना
साँस है जो चंद क़दमों के सफ़र से डर रही है

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पिघलती है ये क़तरा क़तरा रंग अपना बदलती है
तिरी गर्मी की जुंबिश से तमन्ना भी फिसलती है

जवानी ख़त्म हो जाती है नादानी में जल जल के
दिल-ए-नादाँ को बिल-आख़िर ये मिट्टी ही निगलती है

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दिल-ए-नादाँ अगर मगर क्या है
ये बता दे के हम-स-फ़र क्या है

फिर कभी आ के बात कर मुझ सेे
ये भी तो जान रह गुज़र क्या है

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दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है

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'दिल-ए-नादाँ' एक ऐसे दिल की छवि उत्पन्न करता है जो दुनिया की कठोरता से अछूता है। यह एक ऐसा दिल है जो सपने देखता है और विश्वास करता है, अक्सर अपनी इच्छाओं की मासूमियत में फंसा रहता है।

कवि अक्सर 'दिल-ए-नादाँ' का उपयोग प्रेम की पवित्रता और संवेदनशीलता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा दिल है जो आसानी से विश्वास करता है, अक्सर खोई हुई मासूमियत पर मार्मिक चिंतन की ओर ले जाता है।

'दिल-ए-नादाँ' दिल की जन्मजात मासूमियत की कोमल याद दिलाता है। यह विश्वास और अनुभव के बीच के शाश्वत नृत्य की बात करता है।