Meaning of

अहतराम

ehtaraam • احترام

सम्मान; आदर; प्रतिष्ठा

respect; honor; esteem

احترام; عزت; وقار

Arabic

सारे बुज़ुर्ग लोगों का सुन एहतराम कर
जो लायक़-ए-सलाम हैं उन को सलाम कर

बेदार हो के नींद से गफ़लत की ऐ शजर
तू अपने बाबा जाँ का ज़माने में नाम कर

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इश्क़ को पूछता नहीं कोई
हुस्न का एहतिराम होता है

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बा'द उस के दिल-नगर फिर बस गया
एहतिरामन इक गली वीरान है

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फिर किसी के सामने चश्म-ए-तमन्ना झुक गई
शौक़ की शोख़ी में रंग-ए-एहतराम आ ही गया

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गुल दूँ या पूरा गुलदस्ता दे आऊँ सब ज़ाया' है
वो पंडित का बेटा भीतर अपनी जात ले आएगा

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बेशऊरों का है बोल बाला
चुप तो पंडित लगाए हुए हैं

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अब नहीं है याद उस को नाम हमारा
करता था दिल से जो एहतिराम हमारा

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ज़माने वालों हमारा कुछ एहतराम करो
हमारा नाता है फ़रहाद के क़बीले से

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संग सद-एहतिराम लेते हैं
जब "मुहम्मद" का नाम लेते हैं

जब भी दर-पेश कोई मुश्किल हो
इस्म-ए-ख़ैर-उल-अनाम लेते हैं

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सियासतदाँ भी हैरानो परेशाँ हैं
कि कैसे दोस्त पंडित और मुसलमाँ हैं

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सारे बुज़ुर्ग लोगों का सुन एहतराम कर
जो लायक़-ए-सलाम हैं उन को सलाम कर

बेदार हो के नींद से गफ़लत की ऐ शजर
तू अपने बाबा जाँ का ज़माने में नाम कर

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इश्क़ को पूछता नहीं कोई
हुस्न का एहतिराम होता है

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'अहतराम' का मूल भाव दूसरों की मूल्य और गरिमा को स्वीकार करना है। कविता में, यह अक्सर मानव आत्मा और व्यक्तियों के बीच की अनकही बंधनों के लिए गहरे सम्मान तक पहुँचता है।

कवि अक्सर 'अहतराम' का उपयोग पारस्परिक सम्मान और मानवता को जोड़ने वाली मौन समझ के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह विनम्रता में पाई जाने वाली गरिमा को भी दर्शा सकता है।

कविता में, 'अहतराम' सम्मान और विनम्रता में निहित मौन शक्ति की एक कोमल याद दिलाता है।