Meaning of

फौ़रन

fauran • فوراً

तुरंत; फौरन

immediately; instantly

فوراً; فوری

Arabic

तुम्हारी याद क्या आई ज़रा सी
चमक चेहरे पे फ़ौरन आ गई फिर

0

Download Image

नम आँखें भी नहीं होती के फ़ौरन फ़ोन बजता है
मुझे उस की ज़रूरत है ये दीदी जान लेती है

7

Download Image

गिरता हूँ तो फौरन मुझे उढने नहीं देती
हालात की संगीनी सँभलने नहीं देती

3

Download Image

है याँ सब कुछ लेकिन कमी नज़र आती है जल्वत में
मौजूदगी यहाँ फौ़रन भेजो तुम अपनी इक ख़त में

1

Download Image

शोर में होंटों पे ख़ामोशी लाना बेहतर
लफ़्ज़ों को ज़ाया' करने से बचाना बेहतर

दिन ढलते ही जब ज़ोजा ख़ुश हो जाती है
रात के आने से पहले घर जाना बेहतर

वो आते ही होंगे हम ये कब तक सोचे
ख़ुद ही जा के उन को घर से बुलाना बेहतर

रिश्तों में तो दरारें अक्सर आ जाती हैं
फौरन उन में मोहब्बत ही भरवाना बेहतर

गहरे कोहरे में सूरज कैसे निकलेगा
इतनी मायूसी से बाहर आना बेहतर

सड़कों पे चलते रहने से कुछ भी न होगा
अपनी आँखों में इक ख़्वाब सजाना बेहतर

माँ की दुआएँ तो सच्चे मोती हैं 'अरशद'
उन के पैर को अपने आप दबाना बेहतर

1

Download Image

हमदर्दी ज़िंदा है अभी भी गाँव में
रहने नहीं देते हैं काँटा पाँव में

कोई झुलसता है अगर इस धूप से
फ़ौरन ही ले जाते हैं उस को छाँव में

1

Download Image

बच्चे सिखला देते हैं हम को तर्ज़ मुहब्बत के
कैसे कट्टी कर के फ़ौरन बट्टी कर लेते हैं

0

Download Image

बहुत आसान है मुझ से ख़फ़ा होना
कि फ़ौरन झूठ की गर्दन दबाता हूँ

0

Download Image

तुम्हारी याद क्या आई ज़रा सी
चमक चेहरे पे फ़ौरन आ गई फिर

0

Download Image

तुम्हारी याद क्या आई ज़रा सी
चमक चेहरे पे फ़ौरन आ गई फिर

0

Download Image

नम आँखें भी नहीं होती के फ़ौरन फ़ोन बजता है
मुझे उस की ज़रूरत है ये दीदी जान लेती है

7

Download Image

'फौरन' शब्द तात्कालिकता और जल्दबाजी का भाव उत्पन्न करता है। अपने मूल अर्थ में, यह शीघ्र कार्रवाई या प्रतिक्रिया को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर गहन भावनाओं या अचानक समझ के क्षणों से जुड़ जाता है।

'फौरन' का उपयोग कवि समय की क्षणभंगुरता को पकड़ने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम के संदर्भों में आता है, जहाँ क्षण मूल्यवान और क्षणिक होते हैं। यह शब्द समय के धीमे प्रवाह के विपरीत, तात्कालिकता को उजागर करता है।

कविता में, 'फौरन' जीवन के क्षणभंगुर पलों का प्रतीक बन जाता है। यह हमें वर्तमान को पकड़ने की तात्कालिकता की याद दिलाता है।