Meaning of

ग़लत-फ़हमी

ghalat-fehmi • غلط فہمی

ग़लतफ़हमी; भ्रांति

misunderstanding; misconception

غلط فہمی; غلط فہمی

Arabic

नहीं थकते मुझे इल्ज़ाम देते
भला कब तक ये बेरहमी करोगे

अगर सच बोलने मैं लग गया तो
ग़लत फ़हमी ग़लत फ़हमी करोगे

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क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं
वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं
इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर
ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं

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मुझे तो तोहफ़े में ग़म मिले थे
तुम्हें कोई ग़लत-फ़हमी हुई है

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तुम अब तक हम ही में उलझे हो
या'नी ग़लतफ़हमी में उलझे हो

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मुहब्बत में बिछड़ने की ग़लत-फ़हमी हुई होगी
वगरना कौन करता है बग़ावत राजधानी में

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एक ग़लत-फ़हमी ने ज़िंदा रक्खा है
शे'र मेरे वो चुपके चुपके पढ़ती है

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ग़लतफ़हमी है हमनवा ही मिलेगा
दग़ा के सिवा तुझ को क्या ही मिलेगा

मेरी यूँँ मुहब्बत को ठुकराने वाले
तुझे भी कोई बे-वफ़ा ही मिलेगा

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सारी दुनिया को है ग़लत-फ़हमी
मुझ पे तू मेहरबान है प्यारे

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लौट आती है मोहब्बत एक दिन
इस ग़लतफ़हमी में कुछ दिन हम भी थे

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देखता नहीं सपने, मैं किसी के ऐ लड़की
तू ही ये ग़लत-फ़हमी पालती गई होगी

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नहीं थकते मुझे इल्ज़ाम देते
भला कब तक ये बेरहमी करोगे

अगर सच बोलने मैं लग गया तो
ग़लत फ़हमी ग़लत फ़हमी करोगे

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क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं
वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं
इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर
ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं

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अपने मूल अर्थ में, 'ग़लतफ़हमी' का तात्पर्य एक गलतफहमी या भ्रांति से है, जो सत्य से एक विचलन है। कविता में, यह एक नाज़ुक धागे की तरह बन जाता है, जो मानवीय संबंधों के ताने-बाने में बुनता है, धारणा की नाजुकता और प्रेम और विश्वास पर इसके पड़ने वाले साये को उजागर करता है।

'ग़लतफ़हमी' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम और विश्वासघात के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह उन गलतफहमियों की मार्मिक याद दिलाता है जो संबंधों को उधेड़ सकती हैं। यह स्पष्टता और सत्य के विपरीत है, अक्सर मानवीय त्रुटि की दुखद सुंदरता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ग़लतफ़हमी' एक दर्पण है जो धारणा और वास्तविकता के बीच के नाजुक नृत्य को दर्शाता है।