Meaning of

गम़

gham • غم

दुःख; शोक

sorrow; grief

دکھ; غم

Arabic

तुम अगर साथ देने का वा'दा करो
मैं यूँँही मस्त नग़्में लुटाता रहूँ

तुम मुझे देख कर मुस्कुराती रहो
मैं तुम्हें देख कर गीत गाता रहूँ

76

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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ
ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है

तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें
ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है

395

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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है

269

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जौन तुम्हें ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो
एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो

160

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कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी
यूँँ ही बातें बनाते हैं हम जी

155

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ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली
मेरी मौजूदगी में सो रही है

130

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आँख में नम तक आ पहुँचा हूँ
उस के ग़म तक आ पहुँचा हूँ

पहली बार मुहब्बत की थी
आख़िरी दम तक आ पहुँचा हूँ

101

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मत पूछो कितना ग़मगीं हूँ गंगा जी और जमुना जी
ज़्यादा तुम को याद नहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी

अमरोहे में बान नदी के पास जो लड़का रहता था
अब वो कहाँ है मैं तो वहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी

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राम होने में या रावण में है अंतर इतना
एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है

हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है
कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है

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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया

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तुम अगर साथ देने का वा'दा करो
मैं यूँँही मस्त नग़्में लुटाता रहूँ

तुम मुझे देख कर मुस्कुराती रहो
मैं तुम्हें देख कर गीत गाता रहूँ

76

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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ
ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है

तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें
ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है

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अपने मूल अर्थ में, 'ग़म' एक गहरी, अक्सर भारी दुःख की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह दिल के सबसे भारी बोझों का वाहक बन जाता है, आत्मा के शांत कोनों में छाया की तरह रहता है।

'ग़म' का उपयोग कवि अक्सर हानि और लालसा के सार्वभौमिक अनुभव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अधूरी इच्छाओं की उदासी या एकांत के शांत निराशा का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ग़म' केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि मानव स्थिति की एक गहरी प्रतिध्वनि है।