Meaning of

ग़ुरूर

ghuroor • غرور

गर्व; अहंकार

pride; arrogance

غرور; تکبر

Arabic

कि उस मग़रूर चंदा की ख़ुशामद से तो अच्छा है
मैं घर की खिड़कियों को आप की तस्वीर से ढक लूँ

4

Download Image

आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है
हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए

104

Download Image

तेरी ख़ता नहीं जो तू ग़ुस्से में आ गया
पैसे का ज़ो'म था तेरे लहजे में आ गया

सिक्का उछालकर के तेरे पास क्या बचा
तेरा ग़ुरूर तो मेरे काँसे में आ गया

79

Download Image

सुब्ह-ए-मग़रूर को वो शाम भी कर देता है
शोहरतें छीन के गुमनाम भी कर देता है

वक़्त से आँख मिलाने की हिमाकत न करो
वक़्त इंसान को नीलाम भी कर देता है

62

Download Image

बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

50

Download Image

ग़ुरूर-ए-लुत्फ़-ए-साक़ी नश्शा-ए-बे-बाकी-ए-मस्ताँ
नम-ए-दामान-ए-इस्याँ है तरावत मौज-ए-कौसर की

32

Download Image

जिस को बड़ा ग़ुरूर था अपने वजूद पर
वो आफ़ताब शाम की चौखट पे मर गया

26

Download Image

हुस्न पर ग़ुरूर होना लाज़मी तो है मगर
हुस्न ढलता भी है और ग़ुरूर टूटता भी है

16

Download Image

तुझ को मैं नोच दूँगा नाख़ुन से
क्या पता मुझ को है कहाँ से तू

तुझ को है इल्म पे ग़ुरूर बहुत
चल निकल यार हट यहाँ से तू

13

Download Image

तेरा मग़रूर हो जाना मुझे खलता नहीं लेकिन
तेरी आँखों से मुझ को और कुछ मालूम होता है

5

Download Image

कि उस मग़रूर चंदा की ख़ुशामद से तो अच्छा है
मैं घर की खिड़कियों को आप की तस्वीर से ढक लूँ

4

Download Image

आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है
हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए

104

Download Image

ग़ुरूर गर्व की एक जटिल भावना को दर्शाता है जो ऊँचाई पर ले जा सकती है या अलगाव में डाल सकती है। कविता में, यह अक्सर मानव अहंकार की द्वैत प्रकृति को दर्शाता है - शक्ति का स्रोत और संबंध में बाधा।

कवि 'ग़ुरूर' का उपयोग आत्म-मूल्य और अलगाव के बीच के तनाव को दर्शाने के लिए करते हैं। इसका उपयोग उन पात्रों के पतन को चित्रित करने के लिए किया जाता है जो अपने गर्व में डूबे होते हैं।

ग़ुरूर आत्मा के गर्व का दर्पण है, जो इसके प्रकाश और छाया दोनों को दर्शाता है।