Meaning of

गुफ़्तार

guftaar • گفتار

वाणी; वार्तालाप

speech; discourse

گفتگو; مکالمہ

Persian

गिराँ थी क़ल्ब-ए-मुफ़क्किर पे खोखली गुफ़्तार
इसी लिए तो न ताख़ीर तक चली गुफ़्तार

हम अपने दिल का शग़ब दिल में रख के लौट गए
कि कर के ख़ुश थे अहिब्बा सड़ी गली गुफ़्तार

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तनक़ीद न तक़रार बड़ी देर से चुप हैं
हैरत है मेरे यार बड़ी देर से चुप हैं

गूँगों को तकल्लुक़ के मवाक़े हैं मुयस्सर
हम माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं

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ये नदी वर्ना तो कब की पार थी
मेरे रस्ते में अना दीवार थी

आप को क्या इल्म है इस बात का
ज़िंदगी मुश्किल नहीं दुश्वार थी

थीं कमानें दुश्मनों के हाथ में
और मेरे हाथ में तलवार थी

जल गए इक रोज़ सूरज से चराग़
रौशनी को रौशनी दरकार थी

आज दुनिया के लबों पर मुहर है
कल तलक हाँ साहब-ए-गुफ़्तार थी

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हम से गुफ़्तार क्यूँँ नहीं करती?
वो हमें प्यार क्यूँँ नहीं करती?

है मोहब्बत अगर उसे भी तो
फिर वो इज़हार क्यूँँ नहीं करती?

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भले ही तल्ख़ हो कितनी भी ये गुफ़्तार की रफ़्तार
मगर नफ़रत के आगे कब थमी है प्यार की रफ़्तार

तख़य्युल ने दिखाई वो अजब तेज़ी बिछड़ते वक़्त
मेरी नज़रों से कम निकली तुम्हारी कार की रफ़्तार

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तेरी रफ़्तार गुफ़्‍तार के शोख़ क़िस्से क़लम कर लिए
तेरी बख़्शी हुई नेमतों में तेरा ग़म अकेला रहा

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गिराँ थी क़ल्ब-ए-मुफ़क्किर पे खोखली गुफ़्तार
इसी लिए तो न ताख़ीर तक चली गुफ़्तार

हम अपने दिल का शग़ब दिल में रख के लौट गए
कि कर के ख़ुश थे अहिब्बा सड़ी गली गुफ़्तार

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तनक़ीद न तक़रार बड़ी देर से चुप हैं
हैरत है मेरे यार बड़ी देर से चुप हैं

गूँगों को तकल्लुक़ के मवाक़े हैं मुयस्सर
हम माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं

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'गुफ़्तार' शब्द अभिव्यक्ति की कला और शब्दों की शक्ति को समेटे हुए है। यह न केवल बोलने की क्रिया का सुझाव देता है, बल्कि अच्छी तरह से चुने गए शब्दों की सुंदरता और प्रभाव को भी। कविता में, यह अक्सर संचार की सुंदरता और गहराई को उजागर करता है।

कवि 'गुफ़्तार' का उपयोग वाक्पटुता के महत्व और संवाद की परिवर्तनकारी शक्ति पर जोर देने के लिए करते हैं। यह उन शब्दों द्वारा उत्पन्न सामंजस्य या असहमति को प्रतिबिंबित कर सकता है। यह अक्सर मौन या अनकहे विचारों के विपरीत होता है।

कविता में, 'गुफ़्तार' दिलों के बीच का पुल है, शब्दों की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।