Meaning of

ग़ुरूर

guroor • غرور

गर्व; अहंकार; घमंड

pride; arrogance; vanity

غرور; تکبر; خود پسندی

Arabic

साथ रह कर दूर रहता है कोई
इस लिए मजबूर रहता है कोई

आइने को देख मुझ को ये लगा
क्यूँ यहाँ मग़रूर रहता है कोई

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आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है
हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए

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तेरी ख़ता नहीं जो तू ग़ुस्से में आ गया
पैसे का ज़ो'म था तेरे लहजे में आ गया

सिक्का उछालकर के तेरे पास क्या बचा
तेरा ग़ुरूर तो मेरे काँसे में आ गया

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सुब्ह-ए-मग़रूर को वो शाम भी कर देता है
शोहरतें छीन के गुमनाम भी कर देता है

वक़्त से आँख मिलाने की हिमाकत न करो
वक़्त इंसान को नीलाम भी कर देता है

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बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

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जिस को बड़ा ग़ुरूर था अपने वजूद पर
वो आफ़ताब शाम की चौखट पे मर गया

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हुस्न पर ग़ुरूर होना लाज़मी तो है मगर
हुस्न ढलता भी है और ग़ुरूर टूटता भी है

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तुझ को मैं नोच दूँगा नाख़ुन से
क्या पता मुझ को है कहाँ से तू

तुझ को है इल्म पे ग़ुरूर बहुत
चल निकल यार हट यहाँ से तू

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तेरा मग़रूर हो जाना मुझे खलता नहीं लेकिन
तेरी आँखों से मुझ को और कुछ मालूम होता है

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कि उस मग़रूर चंदा की ख़ुशामद से तो अच्छा है
मैं घर की खिड़कियों को आप की तस्वीर से ढक लूँ

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साथ रह कर दूर रहता है कोई
इस लिए मजबूर रहता है कोई

आइने को देख मुझ को ये लगा
क्यूँ यहाँ मग़रूर रहता है कोई

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आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है
हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए

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ग़ुरूर आत्म-महत्व और ऊँचे गर्व की भावना को समेटे हुए है। कविता में इसे अक्सर दोधारी तलवार के रूप में दर्शाया जाता है, जो आत्मविश्वास और पतन की संभावना दोनों को दर्शाता है। यह शब्द आत्म-आश्वासन और अहंकार के जोखिम के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है।

कवि ग़ुरूर का उपयोग गर्व और उसके परिणामों के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। इसे अक्सर विनम्रता के साथ रखा जाता है, आत्म-मूल्य और अत्यधिक गर्व के खतरों के बीच के तनाव को उजागर करते हुए। ग़ुरूर आत्मविश्वास और अहंकार के बीच की महीन रेखा की चेतावनी देने वाली कहानी के रूप में कार्य करता है।

ग़ुरूर हमें गर्व और विनम्रता के बीच के नाजुक नृत्य की याद दिलाता है। यह हमारे भीतर की रोशनी और छाया दोनों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण है।