Meaning of

गुस्ताख़ी

gustaakhi • گستاخی

अभद्रता; दुस्साहस; अनादर

insolence; audacity; disrespect

گستاخی; جرات; بے ادبی

Persian

अभी तुम ने मेरी बदमाशियाँ देखी कहाँ है
मरीज़-ए-इश्क़ की गुस्ताख़ियाँ देखी कहाँ है

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दिल में जो उठता है वो तूफ़ान क्या है
जानती हूँ इश्क़ में नुक़सान क्या है

ख़त लिए भेजा है तुझ को इक कबूतर
बोल इस गुस्ताख़ी का चालान क्या है

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तुम्हारी रूह काँपेगी दीवाने
मुझे पढ़ने की गुस्ताख़ी न करना

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गवारा है उसे गुस्ताख़ियाँ मुझ सेे जो सरज़द हो
जिसे बस इक नज़र भर देखने को आइना तरसे

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उस की नादाँ आँखों की गुस्ताख़ियाँ ये दिल जलाए
क़त्ल कर के जैसे कोई जिस्म भी क़ातिल जलाए

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मकर-ओ-फ़रेब ज़ुल्म जहालत फ़ुजूर से
गुस्ताख़ियों के दहर से ख़ुद को निकाल लो

तहज़ीब-ओ-इल्म-ओ-फ़न ये तमद्दुन अदब शजर
लो अपने ख़ानवादे का विरसा सँभाल लो

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ये धुँध आख़िर कब छठेगी ज़िंदगी की राह से
और कब खिलेगी धूप जिस सेे ज़ीस्त होगी ख़ुश-नुमा

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सुना है जो उसे देखे उसी के सिम्त हो जाए
मियाँ कर के ये गुस्ताख़ी उसे अब हम भी देखेंगे

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अभी तुम ने मेरी बदमाशियाँ देखी कहाँ है
मरीज़-ए-इश्क़ की गुस्ताख़ियाँ देखी कहाँ है

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दिल में जो उठता है वो तूफ़ान क्या है
जानती हूँ इश्क़ में नुक़सान क्या है

ख़त लिए भेजा है तुझ को इक कबूतर
बोल इस गुस्ताख़ी का चालान क्या है

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'गुस्ताख़ी' शब्द उस दुस्साहस को दर्शाता है जो अनादर की सीमा पर होता है, एक ऐसा साहस जो मानदंडों को चुनौती देता है। कविता में, यह अक्सर सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति के बीच के तनाव को दर्शाता है, एक विद्रोह जो प्रशंसा और निंदा दोनों का पात्र हो सकता है।

कवि 'गुस्ताख़ी' का उपयोग विद्रोह और व्यक्तित्व के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह साहस का उत्सव या अहंकार की आलोचना हो सकता है। अक्सर, यह बहादुरी और अनादर के बीच की महीन रेखा को उजागर करता है।

'गुस्ताख़ी' में, कवि समाज की सीमाओं का एक दर्पण पाते हैं, जो विद्रोह करने के साहस और सीमा पार करने के जोखिम दोनों को दर्शाता है।