Meaning of

हरम

haram • حرم

पवित्र स्थान; अभयारण्य; निषिद्ध

sanctuary; sacred place; forbidden

حرم; مقدس جگہ; ممنوع

Arabic

ले के ख़त उन का किया ज़ब्त बहुत कुछ लेकिन
थरथराते हुए हाथों ने भरम खोल दिया

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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है
मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है

मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है
लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है

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मैं समझा था तुम हो तो क्या और माँगू
मेरी ज़िन्दगी में मेरी आस तुम हो

ये दुनिया नहीं है मेरे पास तो क्या
मेरा ये भरम था मेरे पास तुम हो

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अब मैं क्या अपनी मोहब्बत का भरम भी न रखूँ
मान लेता हूँ कि उस शख़्स में था कुछ भी नहीं

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ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम क़ाएम रहे
नींद रक्खो या न रक्खो ख़्वाब मेयारी रखो

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मेरे तोहफ़ों ने मोहब्बत का भरम तोड़ दिया
चूड़ियाँ तंग निकल आई हैं और हार खुले

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या तो भरम बना रहे इतना ख़ुदा करे
इनकार अपने होने से वरना ख़ुदा करे

मुश्किल है मेरा काम तो मिल बाँटकर करें
आधा करा दें राम जी आधा ख़ुदा करे

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बात यूँँ है कि ज़माने में बहारों का भरम
आप के नाम से है आप मेरे नाम से हो

इतनी रौशन तो कोई चीज़ नहीं होती है
आप शायद किसी सय्यारा-ए-गुमनाम से हो

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उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर
शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का

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उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर
शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का

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ले के ख़त उन का किया ज़ब्त बहुत कुछ लेकिन
थरथराते हुए हाथों ने भरम खोल दिया

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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है
मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है

मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है
लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है

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'हरम' पवित्रता और अभेद्यता का आभास कराता है। यह एक अलग स्थान है, जहाँ दिव्य और सांसारिक मिलते हैं। कविता में, यह अक्सर हृदय के अंतरतम अभयारण्य या प्रेम के अछूते पहलुओं का प्रतीक होता है।

कवि 'हरम' का उपयोग प्रेम की पवित्रता या कुछ इच्छाओं की निषिद्ध प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक आध्यात्मिक शरण या गहन शांति का स्थान भी हो सकता है।

कविता में 'हरम' हमारे भीतर के पवित्र स्थानों की याद दिलाता है, जो सांसारिकता से अछूते हैं।