Meaning of

ख्वाहिश

khwaahish • خواہش

इच्छा; अभिलाषा; लालसा

desire; wish; longing

خواہش; آرزو; تمنا

Arabic

इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बा'द

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मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है
ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है

मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ
मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है

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जान-लेवा थीं ख़्वाहिशें वर्ना
वस्ल से इंतिज़ार अच्छा था

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मेरे होंटों पे किसी लम्स की ख़्वाहिश है शदीद
ऐसा कुछ कर मुझे सिगरेट को जलाना न पड़े

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दबी कुचली हुई सब ख़्वाहिशों के सर निकल आए
ज़रा पैसा हुआ तो च्यूँँटियों के पर निकल आए

अभी उड़ते नहीं तो फ़ाख़्ता के साथ हैं बच्चे
अकेला छोड़ देंगे माँ को जिस दिन पर निकल आए

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बो देता है ख़्वाहिश फिर रोता है सातों दिन
अपना मन ही हर ग़म का गहवारा होता है

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क्या हुआ जो मुझे हम-उम्र मोहब्बत न मिली
मेरी ख़्वाहिश भी यही थी कि बड़ी आग लगे

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इतने अफ़सुर्दा नहीं हैं हम कि कर लें ख़ुद-कुशी
और न इतने ख़ुश कि सच में मरने की ख़्वाहिश न हो

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मेरी ख़्वाहिश है कि आँगन में न दीवार उठे
मेरे भाई मेरे हिस्से की ज़मीं तू रख ले

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धूप को साया ज़मीं को आसमाँ करती है माँ
हाथ रख कर मेरे सर पर सायबाँ करती है माँ

मेरी ख़्वाहिश और मेरी ज़िद उस के क़दमों पर निसार
हाँ की गुंज़ाइश न हो तो फिर भी हाँ करती है माँ

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इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बा'द

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मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है
ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है

मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ
मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है

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'ख्वाहिश' इच्छा और लालसा का सार है, हृदय की मौन तड़प। कविता में, यह अधूरे सपनों की तीव्रता और अप्राप्य की खोज को पकड़ता है।

कवि 'ख्वाहिश' का उपयोग तड़प और आकांक्षा के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह अक्सर संतोष के विपरीत होता है, सपनों की बेचैन खोज को उजागर करता है।

कविता में 'ख्वाहिश' हृदय की गहरी इच्छाओं की गूंज बन जाती है, जहाँ हर इच्छा अनंत की ओर एक कदम है।