Meaning of

मायूसी

maayusi • بیتابی

निराशा; हताशा

despair; hopelessness

مایوسی; ناامیدی

Arabic

कितना हसीन रिश्ता है यार उस का और मेरा भी
मायूसी छा ही जाती है उस के उदास रहने से

1

Download Image

एक तरीक़ा बर्बादी का, हम ने यूँँ ईजाद किया
शब भर तन्हा-तन्हा रोए, मायूसी को शाद किया

12

Download Image

मायूसी और ग़म में थोड़ा अंतर है
आँसू और शबनम में थोड़ा अंतर है

इतने सारे मौसम हैं इस धरती पर
लेकिन हर मौसम में थोड़ा अंतर है

वैसे तो कई मायने में हम एक से हैं
फिर भी तुम
में हम में थोड़ा अंतर है

6

Download Image

रोज़ वही इक मायूसी मारे जाती है
रोज़ वही इक ज़िंदा रहने के ता'ने हैं

3

Download Image

ले डूबी है बीच भँवर में इक रिश्ते को मायूसी
कुछ हल्के शब्दों का मैसेज इतना भारी होता है

2

Download Image

मायूसी और ग़म में थोड़ा अन्तर है
आँसू और शबनम में थोड़ा अन्तर है

1

Download Image

थोड़ी ख़ुशियाँ थोड़ी सी मायूसी है
शायद मेरा होना ही मनहूसी है

छुप कर मुझ को पढ़ने वालों ध्यान रहे
यूँँ छुप कर पढ़ना भी इक जासूसी है

1

Download Image

चेहरे पे मायूसी रखी मैं ने मगर
चेहरे से आगे कोई आया ही नहीं

1

Download Image

शोर में होंटों पे ख़ामोशी लाना बेहतर
लफ़्ज़ों को ज़ाया' करने से बचाना बेहतर

दिन ढलते ही जब ज़ोजा ख़ुश हो जाती है
रात के आने से पहले घर जाना बेहतर

वो आते ही होंगे हम ये कब तक सोचे
ख़ुद ही जा के उन को घर से बुलाना बेहतर

रिश्तों में तो दरारें अक्सर आ जाती हैं
फौरन उन में मोहब्बत ही भरवाना बेहतर

गहरे कोहरे में सूरज कैसे निकलेगा
इतनी मायूसी से बाहर आना बेहतर

सड़कों पे चलते रहने से कुछ भी न होगा
अपनी आँखों में इक ख़्वाब सजाना बेहतर

माँ की दुआएँ तो सच्चे मोती हैं 'अरशद'
उन के पैर को अपने आप दबाना बेहतर

1

Download Image

मन लगाना है हमें अब काम में
कुछ नहीं रक्खा नशा ओ जाम में

ख़ुद को हम कैसे बना लें देवदास
कुफ़्र है मायूसी जब इस्लाम में

1

Download Image

कितना हसीन रिश्ता है यार उस का और मेरा भी
मायूसी छा ही जाती है उस के उदास रहने से

1

Download Image

एक तरीक़ा बर्बादी का, हम ने यूँँ ईजाद किया
शब भर तन्हा-तन्हा रोए, मायूसी को शाद किया

12

Download Image

मायूसी अपने मूल अर्थ में निराशा और आशा के अभाव को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर अधूरी इच्छाओं और सपनों से बोझिल दिल की मौन पुकार को व्यक्त करता है।

कवि 'मायूसी' का उपयोग खोए हुए प्रेम या अप्राप्य सपनों की गहरी उदासी को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह क्षणिक खुशी के क्षणों के विपरीत, मानव स्थिति की नाजुकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मायूसी' आत्मा के गहरे दुखों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।