Meaning of

मग़रूर

maghroor • مغرور

गर्वित; अभिमानी

proud; arrogant

فخر; مغرور

Arabic

अम्न की बातें वो भी नासूर के साथ
जंग ज़ाहिर है तो है मग़रूर के साथ

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आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है
हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए

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सुब्ह-ए-मग़रूर को वो शाम भी कर देता है
शोहरतें छीन के गुमनाम भी कर देता है

वक़्त से आँख मिलाने की हिमाकत न करो
वक़्त इंसान को नीलाम भी कर देता है

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तेरा मग़रूर हो जाना मुझे खलता नहीं लेकिन
तेरी आँखों से मुझ को और कुछ मालूम होता है

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कि उस मग़रूर चंदा की ख़ुशामद से तो अच्छा है
मैं घर की खिड़कियों को आप की तस्वीर से ढक लूँ

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नहीं कह सकता हूँ मैं बे-वफ़ा उस को
जुदा हो कर भी दी मैं ने दुआ उस को

जवानी,जोश में मग़रूर है लड़की
बुढ़ापे का नहीं शायद पता उस को

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जवानी,जोश में मग़रूर है लड़की
बुढ़ापे का नहीं शायद पता उस को

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साथ रह कर दूर रहता है कोई
इस लिए मजबूर रहता है कोई

आइने को देख मुझ को ये लगा
क्यूँ यहाँ मग़रूर रहता है कोई

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फ़र्द-ए-बशर हो तुम फ़क़त
क्यूँँ बोलते हो तुम सक़त

मग़रूर हो ख़ुद इल्म में
ये ऐब क्यूँँ लाए फ़क़त

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थोड़ा सा मग़रूर ही था तो अच्छा था
सोचता हूँ मैं दूर ही था तो अच्छा था

क्या क्या सितम किए हैं इस नज़दीकी ने
अब लगता है दूर ही था तो अच्छा था

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अम्न की बातें वो भी नासूर के साथ
जंग ज़ाहिर है तो है मग़रूर के साथ

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आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है
हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए

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'मग़रूर' शब्द में ऐसा गर्व समाहित है जो अहंकार की सीमा तक पहुँचता है। कविता में, यह अक्सर किसी ऐसे व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो आत्मविश्वास से भरा होता है, लेकिन दूसरों को नज़रअंदाज़ करने की हद तक। यह गर्व संदर्भ के अनुसार एक गुण या दोष दोनों हो सकता है।

कवि 'मग़रूर' का उपयोग मानव गर्व और उसके परिणामों की थीम को उजागर करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी के घमंडी स्वभाव या अपने ही अहंकार से ग्रस्त चरित्र के दुखद पतन को चित्रित कर सकता है।

कविता में, 'मग़रूर' मानव स्थिति का आईना बनता है, जो गर्व के आकर्षण और खतरे दोनों को दर्शाता है।