Meaning of

मझदार

majhdaar • مجھدار

नदी का मध्य; अनिश्चितता या संक्रमण की स्थिति

midstream; middle of a river; metaphorically, a state of uncertainty or transition

دریا کا وسط; غیر یقینی یا عبوری حالت

Persian

हर बार ही लाचार बने कौन समझता
कब कैसे हर इक बार बने कौन समझता

सच पहले पहल बोला नहीं हम ने किसी से
आख़िर में समझदार बने कौन समझता

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कोई पागल ही मोहब्बत से नवाज़ेगा मुझे
आप तो ख़ैर समझदार नज़र आते हैं

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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है
ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है
इश्क़ है वादा-फ़रामोश नहीं है कोई
दिल तलबगार मेरी बात कहाँ सुनता है

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मुहब्बत में समझदारी से अक्सर काम लेते हैं
कहीं महबूब वो कहते कहीं वो नाम लेते हैं

मचलता है कभी जो दिल करें बातें निगाहों से
इजाज़त धड़कने देतीं वो दिल को थाम लेते हैं

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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है,
ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है

इश्क़ है वा'दा फ़रामोश नहीं है कोई,
दिल तलबग़ार मेरी बात कहाँ सुनता है

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तुझे मेरी मोहब्बत पे ऐतिबार हो जाना
मुमकिन नहीं है गधे का समझदार हो जाना

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मेरी कोशिश तो यही है कि ये मासूम रहे
और दिल है कि समझदार हुआ जाता है

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प्यार में तेरे क्या ख़बर तुझ को
इक समझदार कितना पागल था

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हटा साया यूँँ सर से अपनों का मेरे
मुझे दी जाम की सब ने समझदारी

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बड़े हो कर समझदारी तो मुझ को आ गई लेकिन
वो लड़का खो गया जो ख़ुशबुओं से बात करता था

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हर बार ही लाचार बने कौन समझता
कब कैसे हर इक बार बने कौन समझता

सच पहले पहल बोला नहीं हम ने किसी से
आख़िर में समझदार बने कौन समझता

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कोई पागल ही मोहब्बत से नवाज़ेगा मुझे
आप तो ख़ैर समझदार नज़र आते हैं

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मझदार शब्द नदी के मध्य में होने की छवि प्रस्तुत करता है, जहाँ चारों ओर पानी का प्रवाह होता है, जो अनिश्चितता या संक्रमण की स्थिति का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर भावनात्मक या अस्तित्वगत दुविधाओं का प्रतीक होता है, जहाँ व्यक्ति निर्णयों या मार्गों के बीच फंसा होता है।

कवि अक्सर मझदार का उपयोग निर्णयहीनता या भावनात्मक उथल-पुथल के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह जीवन की यात्रा का प्रतीक हो सकता है, जहाँ व्यक्ति न तो शुरुआत में होता है और न ही अंत में, बल्कि निरंतर बनने की स्थिति में होता है।

मझदार जीवन की अनिश्चितताओं का सार प्रस्तुत करता है, हमारे सफर की तरलता और अप्रत्याशितता की याद दिलाता है।