Meaning of

मख़मूर

makhmoor • خم خانہ ہستی

मदहोश; मस्त

intoxicated; enraptured

مدہوش; مست

Arabic

ख़याल-ए-यार में गुम हूँ जहाँ से दूर रहता हूँ
चले आ अब तो जानाँ मैं बहुत मख़मूर रहता हूँ

वो तेरा ही सहारा था जो पहुँचा मैं बुलंदी पर
मैं तेरे प्यार को पाकर बहुत मग़रूर रहता हूँ

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देखा जमाल-ए-यार तो मख़मूर हो गए
बे-ख़ुद हैं बे पिए ही ये ऐसी शराब है

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जो नदी मख़मूर थी,सागर की बस इक चाह में
वो बुझाती आज है, आँसू को पी कर तिश्नगी

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उस ने मख़मूर निगाहों से पिला दी कैसी
दोस्त कोई तो मेरा आ के सँभाले मुझ को

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ख़याल-ए-यार में गुम हूँ जहाँ से दूर रहता हूँ
चले आ अब तो जानाँ मैं बहुत मख़मूर रहता हूँ

वो तेरा ही सहारा था जो पहुँचा मैं बुलंदी पर
मैं तेरे प्यार को पाकर बहुत मग़रूर रहता हूँ

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देखा जमाल-ए-यार तो मख़मूर हो गए
बे-ख़ुद हैं बे पिए ही ये ऐसी शराब है

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'मख़मूर' शब्द मदहोशी की उस स्थिति को दर्शाता है जो अक्सर शराब के प्रभाव से जुड़ी होती है। कविता में, यह शब्द सौंदर्य या प्रेम से मोहित आत्मा का वर्णन करता है, उस क्षण की मस्ती में खो जाने की भावना को पकड़ता है।

'मख़मूर' का उपयोग कवि प्रेम की मदहोशी या प्रकृति की अद्वितीय सुंदरता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर संयम के विपरीत होता है, आत्म-विस्मृति के आकर्षण को उजागर करता है। यह शब्द आँखों की मस्ती या भावनाओं से भरे दिल की जीवंत छवि प्रस्तुत करता है।

'मख़मूर' अपनी काव्यात्मक सार में, मस्ती और वास्तविकता के बीच के नाजुक नृत्य को पकड़ता है, पाठक को अपनी मदहोश कर देने वाली बाँहों में खो जाने के लिए आमंत्रित करता है।