Meaning of

मशअल

mashal • مشعل

मशाल; प्रकाश; रोशनी

torch; beacon; light

مشعل; روشنی; چراغ

Arabic

तुम ने मुझ को क्या समझा जो छोड़ दिया
ईंट नहीं थीं तब भी घर तो बनते थे

2

Download Image

तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं है
उसे दुल्हन भी बनते देखना है

49

Download Image

तुम्हें पता है मिरे हाथ की लकीरों में
तुम्हारे नाम के सारे हुरूफ़ बनते हैं

46

Download Image

तुझे करनी है तो मुसावात कर
कि बेहतर हमारे भी हालात कर

मिटा दिल में बनते ये सहराओं को
ख़ुदा अपने बंदों पे बरसात कर

20

Download Image

तू मुझे बनते बिगड़ते हुए अब ग़ौर से देख
वक़्त कल चाक पे रहने दे न रहने दे मुझे

20

Download Image

उस ने पूछा कैसे मुमकिन है मेरे दिल तक जाना
मैं ने कहा तुम उर्दू सीखो रस्ता बनते जाना है

4

Download Image

अगर ख़ुदा बनते पत्थर को तराश के
फिर तो हर इंसान ख़ुदा का ख़ुदा होता

3

Download Image

बड़े गुस्ताख़ निकले तुम मेरी उम्मीद से ज़्यादा
मेरी ही दी मशालों से मेरा ही घर जलाते हो

3

Download Image

इक कहानी की थी माँग ऐसी
उस में बस दो ही किरदार बनते

3

Download Image

है ज़रूरी शाइरों की आँख में आँसू रहे
खिलखिलाने से हमारे दिन नहीं बनते मियाँ

2

Download Image

तुम ने मुझ को क्या समझा जो छोड़ दिया
ईंट नहीं थीं तब भी घर तो बनते थे

2

Download Image

तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं है
उसे दुल्हन भी बनते देखना है

49

Download Image

मशअल एक मार्गदर्शक प्रकाश की छवि प्रस्तुत करता है, जो अंधकार में रोशनी का स्रोत होता है। कविता में, यह अक्सर आशा, ज्ञान, या आगे का रास्ता दर्शाता है। यह शब्द गर्मजोशी और मार्गदर्शन का भाव लिए होता है, जो अनिश्चितता में मार्ग दिखाने वाला दीपक होता है।

कवि मशअल का उपयोग मार्गदर्शन और आशा के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक मार्गदर्शक या प्रेरणादायक आत्मा का प्रतीक हो सकता है। अक्सर अंधकार के विपरीत, यह अज्ञानता से ज्ञान की ओर संक्रमण को उजागर करता है।

मशअल आशा और ज्ञान का प्रतीक है, एक प्रकाश जो अंधेरों को चीरता है।