Meaning of

निगारों

nigaaron • نگاروں

प्रियजन; प्रेरणा; सौंदर्य की वस्तुएँ

beloveds; muses; objects of beauty

محبوب; ميوز; حسن کی چیزیں

Persian

हमारी आँख में पहले तो मिट्टी झोंक जाएँगे
वही फिर काँच के आँसू इकट्ठे करने आएँगे

अगर ज़ाहिर करूँँगा आसमाँ पर ख़्वाहिशें अपनी
मुझे इस बात का डर है सितारे टूट जाएँगे

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चले तो पाँव के नीचे कुचल गई कोई शय
नशे की झोंक में देखा नहीं कि दुनिया है

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बात तो जब है कि अंगारों पे चल कर देखे
आरज़ू फूलों पे चलती है तो क्या चलती है

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ख़राबों में रईसी की गली को छोड़ना अच्छा
गले की फांँस बन जाए तो रिश्ता तोड़ना अच्छा

नहीं अच्छा अगर तुम झोंक दो तूफ़ान में कश्ती
कभी हो छेद कश्ती में अगर तो मोड़ना अच्छा

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हर मौसम माकूल समझना पड़ता है
अंगारों को फूल समझना पड़ता है

जब बढ़कर दुश्मन से टक्कर लेना हो
चट्टानों को धूल समझना पड़ता है

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अंगारों से नंगे पाँव गुजरना था
दरियाओ से प्यास बुझानी थी हम ने

भरी जवानी इश्क़ मोहब्बत कर बैठे
इस का मतलब जान गवानी थी हम ने

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इश्क़ में ख़ुद को रहें थे झोंक जो भी
अब कफ़न में लौट कर घर जा रहें हैं

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"शहीद-ए-आज़म भगतसिंह"
आँखों में वो आँसू नहीं

कुछ ख़्वाब सँजोया करता था
वतन की आज़ादी के ख़ातिर

खूनी आँसू रोया करता था
आज़ादी का दीवाना था वो

रगों में उबाल ख़ानदानी था
जिस ने सब कुछ लुटा दिया अपना

वो वीर भगत बलिदानी था
अंगारों पर चल कर जिस ने

एक नई राह बनाई थी
उस मतवाले शे'र ने क़सम

आज़ादी की खाई थी
चाहे उम्र कम रही हो लेकिन

वो एक लंबी कहानी था
जिस ने सब कुछ लुटा दिया अपना

वो वीर भगत बलिदानी था
जिस के दिल में सिर्फ़ और सिर्फ़

इन्कलाब की आग थी
आँखों में थी जलती ज्वाला

लिबास जिस का त्याग थी
हर दिल में निशाँ छोड़ गया वो

भारत माँ की निशानी था
जिस ने सब कुछ लुटा दिया अपना

वो वीर भगत बलिदानी था
जब तक धरती-अम्बर होंगे

मिट न सकेगा नाम तुम्हारा
भारत का हर बच्चा-बच्चा

याद रखेगा काम तुम्हारा
समुंदर से भी गहरा था जो

ख़ुद में ही एक रवानी था
जिस ने सब कुछ लुटा दिया अपना

वो वीर भगत बलिदानी था

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जितना जीवन तुम जीते हो
हम ने उतने ही काटे हैं

तेज़ तपिश से तुम डरते हो
अंगारों से यहाँ नाते हैं

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मेरे सूखे होंठों पर लब जब नम वो रखेगा
फिर जलते ही अंगारों पर शबनम वो रखेगा

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हमारी आँख में पहले तो मिट्टी झोंक जाएँगे
वही फिर काँच के आँसू इकट्ठे करने आएँगे

अगर ज़ाहिर करूँँगा आसमाँ पर ख़्वाहिशें अपनी
मुझे इस बात का डर है सितारे टूट जाएँगे

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चले तो पाँव के नीचे कुचल गई कोई शय
नशे की झोंक में देखा नहीं कि दुनिया है

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मूल रूप से प्रियजन या सौंदर्य की वस्तु को संदर्भित करते हुए, 'निगारों' कला और कविता को प्रेरित करने वाले म्यूज़ की छवि को उभारता है। यह प्रशंसा और लालसा की भावना को वहन करता है, जो अक्सर अलौकिक और अप्राप्य से जुड़ा होता है।

'निगारों' का उपयोग कवि अक्सर प्रियजन को एक आदर्शीकृत आकृति के रूप में चित्रित करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग गहरी प्रशंसा और लालसा के दर्द को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह शब्द अधिक सांसारिक शब्दों के विपरीत, म्यूज़ की दिव्य प्रकृति को उजागर करता है।

कविता में, 'निगारों' सांसारिक और दिव्य के बीच एक पुल बन जाता है, जो उस सौंदर्य के सार को पकड़ता है जो सांसारिकता से परे है।