Meaning of

निगह-ए-इंतिज़ार

nigah-e-intizaar • لوٹوں

प्रतीक्षा की दृष्टि; इंतज़ार भरी नज़र

gaze of expectation; waiting look

انتظار کی نظر; منتظر نگاہ

Persian

इक दवा अच्छी बता देना ज़रा तुम
ज़ख़्म पे मरहम लगा देना ज़रा तुम

चाँद निकला है, मिरा दिल ख़ुश बहुत है
ये ख़ुशी उस को सुना देना ज़रा तुम

रात आ जाए मगर मैं घर न लौटूँ
तब चराग़ों को जला देना ज़रा तुम

मैं अगर ख़ुद को भुला दूँ हाँ भुला दूँ
नींद से मुझ को जगा देना ज़रा तुम

कब्र पे फूलों की माला कुछ न देगी
आफ़ियत की ही दुआ देना ज़रा तुम

इन घरों में आग लगती ही रहेगी
आग हिम्मत से बुझा देना ज़रा तुम

0

Download Image

ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता
मैं जब तक घर न लौटूँ मेरी माँ सज्दे में रहती है

41

Download Image

सोचो तो सिलवटों से भरी है तमाम रूह
देखो तो इक शिकन भी नहीं है लिबास में

10

Download Image

बहुत तकलीफ़ है हम एक लौतों की
नहीं कर सकते हम तो ख़ुद-कुशी भी

2

Download Image

ख़्वाब में शायद मिरा बिछड़ा हुआ महबूब था
अस्ल में कल रात बिस्तर सिलवटों से भर गया

2

Download Image

इक दवा अच्छी बता देना ज़रा तुम
ज़ख़्म पे मरहम लगा देना ज़रा तुम

चाँद निकला है, मिरा दिल ख़ुश बहुत है
ये ख़ुशी उस को सुना देना ज़रा तुम

रात आ जाए मगर मैं घर न लौटूँ
तब चराग़ों को जला देना ज़रा तुम

मैं अगर ख़ुद को भुला दूँ हाँ भुला दूँ
नींद से मुझ को जगा देना ज़रा तुम

कब्र पे फूलों की माला कुछ न देगी
आफ़ियत की ही दुआ देना ज़रा तुम

इन घरों में आग लगती ही रहेगी
आग हिम्मत से बुझा देना ज़रा तुम

0

Download Image

ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता
मैं जब तक घर न लौटूँ मेरी माँ सज्दे में रहती है

41

Download Image

'निगह-ए-इंतिज़ार' वाक्यांश प्रतीक्षा और आकांक्षा के सार को पकड़ता है। यह एक दृष्टि के माध्यम से होने वाले मौन संचार की बात करता है, जो आशा और लालसा से भरी होती है।

कवि 'निगह-ए-इंतिज़ार' का उपयोग उन भावनाओं की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं, जिन्हें शब्द अक्सर व्यक्त करने में असमर्थ होते हैं। यह दिल की मौन प्रार्थना है, एक नज़र जो बहुत कुछ कहती है।

कविता के क्षेत्र में, 'निगह-ए-इंतिज़ार' अनकहे शब्दों की शक्ति का प्रमाण है। यह दिल में बसे मौन आशाओं को साकार करता है।