Meaning of

नूर

noor • نور

प्रकाश; चमक; सुंदरता

light; radiance; beauty

روشنی; چمک; خوبصورتی

Arabic

बीच भँवर से कश्ती कैसे बच निकली
बहुत दिनों तक दरिया भी हैरान रहा

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

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रास्ते में फिर वही पैरों का चक्कर आ गया
जनवरी गुज़रा नहीं था और दिसंबर आ गया

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ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा
इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा

जिस तरह से थोड़ी सी तेरे साथ कटी है
बाक़ी भी उसी तरह गुज़र जाए तो अच्छा

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मुनव्वर माँ के आगे यूँँ कभी खुल कर नहीं रोना
जहाँ बुनियाद हो इतनी नमी अच्छी नहीं होती

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तेरे ख़्वाब सँवर जाएँ तो बेहतर होगा
अपना क्या है मर जाएँ तो बेहतर होगा

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तुम हुस्न की ख़ुद इक दुनिया हो शायद ये तुम्हें मालूम नहीं
महफ़िल में तुम्हारे आने से हर चीज़ पे नूर आ जाता है

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भँवर से कैसे बच पाया किसी पतवार से पूछो
हमारा हौसला पूछो, तो फिर मँझधार से पूछो

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दिया जला के सभी बाम-ओ-दर में रखते हैं
और एक हम हैं इसे रह-गुज़र में रखते हैं

समुंदरों को भी मालूम है हमारा मिज़ाज
कि हम तो पहला क़दम ही भँवर में रखते हैं

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मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा
इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा

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बीच भँवर से कश्ती कैसे बच निकली
बहुत दिनों तक दरिया भी हैरान रहा

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

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नूर अपने मूल में उस शुद्ध और अनछुए प्रकाश को दर्शाता है जो आत्मा को प्रकाशित करता है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर उस आंतरिक सुंदरता और दिव्य उपस्थिति को समाहित करता है जो अंधकार को प्रकाश में बदल सकती है।

कवि अक्सर 'नूर' का उपयोग प्रिय के चेहरे या आँखों का वर्णन करने के लिए करते हैं, जो एक अलौकिक सुंदरता का संकेत देता है। यह आशा और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक भी हो सकता है।

नूर उस सुंदरता का सार पकड़ता है जो भौतिक से परे है, दिव्यता को छूता है।