Meaning of

पनाह

panaah • پناہ

आश्रय; शरण; सुरक्षा

shelter; refuge; sanctuary

پناہ; پناہ گاہ; حفاظت

Persian

इन से बचना कि बिछाते हैं पनाहें पहले
फिर यही लोग कहीं का नहीं रहने देते

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आज पहली दफ़ा लगा मुझ को
वो ज़रा बे-वफ़ा लगा मुझ को

बस बिना बात ही बिगड़ता था
बेवजह ही ख़फ़ा लगा मुझ को

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बेवजह मुझ सेे फिर ख़फ़ा क्यूँ है
ये कहानी ही हर दफ़ा क्यूँ है

कुछ भी मजबूरी तो नहीं दिखती
मैं क्या जानूं वो बे-वफ़ा क्यूँ है

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देर तक हँसते रहे आलमपनाह
डर के मारे मस्ख़रे रोने लगे

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बेवजह ही मर गया है वो किसी की याद में
बुज़दिलों को इश्क़ से कुछ दूर होना चाहिए

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तिरे सिवा भी कहीं थी पनाह भूल गए
निकल के हम तिरी महफ़िल से राह भूल गए

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है क़ब्र यूँँ बेचैन अब मेरी निगाह को
माँ देखती हो जैसे कि बेटे की राह को

तू ढूँढ़ता फिरता है जो सहरा में बस्तियाँ
मैं दर-ब-दर फिरता रहा तेरी पनाह को

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उम्र भर मैं ने चाहा जिसे बे-पनाह
काट कर उम्र भी उस को पाया नहीं

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मिली जिन से जफ़ाएँ उन को भी आदाब करना था
हर इक पत्थर हुए दिल को पुनः मेहताब करना था

सितम क्या है कि ख़ुद बेज़ार बैठा है वो लड़का आज
जिसे कल ग़ैर की बस्ती को भी शादाब करना था

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जब मिला ग़म मुझे इश्क़ में बे-पनाह
दिल की ख़ुशियाँ मेरी गुम-शुदा हो गई

एक तरफ़ा मुहब्बत थी मेरी यहाँ
छोड़ कर मुझ को वो बे-वफ़ा हो गई

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इन से बचना कि बिछाते हैं पनाहें पहले
फिर यही लोग कहीं का नहीं रहने देते

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आज पहली दफ़ा लगा मुझ को
वो ज़रा बे-वफ़ा लगा मुझ को

बस बिना बात ही बिगड़ता था
बेवजह ही ख़फ़ा लगा मुझ को

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‘पनाह’ शब्द सुरक्षा और संरक्षण की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह एक भौतिक या रूपक स्थान को संदर्भित करता है जहाँ कोई सांत्वना और सुरक्षा पाता है। कविता ने इस अवधारणा को भावनात्मक और आध्यात्मिक आश्रयों तक विस्तारित किया है, जहाँ आत्मा उथल-पुथल के बीच आराम की खोज करती है।

कवि अक्सर 'पनाह' का उपयोग अराजकता के बीच एक आश्रय के रूप में करते हैं। यह प्रियजन के आलिंगन, प्रकृति की शांति, या एकांत में पाए गए शांति का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द उथल-पुथल के विपरीत स्थिरता की लालसा को उजागर करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'पनाह' शांति की अनंत खोज का प्रतीक बन जाता है। यह हमारे भीतर और हमारे चारों ओर खोजे जाने वाले आश्रयों की एक कोमल याद दिलाता है।