Meaning of

तलबगार

talabgaar • طلبگار

अन्वेषक; आकांक्षी

seeker; aspirant

طلبگار; خواہشمند

Persian

वो मुहब्बत का तलबगार नहीं हो सकता
जो सितमगर है उसे प्यार नहीं हो सकता

तेरे होते हुए जो चाँद का दीदार करे
कुछ भी होगा वो समझदार नहीं हो सकता

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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है
ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है
इश्क़ है वादा-फ़रामोश नहीं है कोई
दिल तलबगार मेरी बात कहाँ सुनता है

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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है,
ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है

इश्क़ है वा'दा फ़रामोश नहीं है कोई,
दिल तलबग़ार मेरी बात कहाँ सुनता है

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खूब पहचान लो असरार हूँ मैं
जिंस ए उल्फ़त का तलबगार हूँ मैं

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एक बोसे के तलबगार हैं हम
और माँगे तो गुनहगार हैं हम

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दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ
बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ

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साहिल के तलबगार ये पहले से समझ लें
दरिया-ए-मोहब्बत के किनारे नहीं होते

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तुम सेे मिले ना थे तो कोई आरज़ू ना थी
देखा तुझे तो तेरे तलबगार हो गए

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हो भटकने का जिसे शौक़ मेरे साथ चले
जो हो मंज़िल का तलबगार पलट जाए अभी

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तिरा शहर मेरे सफ़र का भी हक़दार है
मिरा इश्क़ तेरी वफ़ा का तलबगार है

तिरे बा'द ये घाव मेरे भरे ही नहीं
अकेला मेरे मर्ज़ का तू गुनहगार है

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वो मुहब्बत का तलबगार नहीं हो सकता
जो सितमगर है उसे प्यार नहीं हो सकता

तेरे होते हुए जो चाँद का दीदार करे
कुछ भी होगा वो समझदार नहीं हो सकता

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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है
ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है
इश्क़ है वादा-फ़रामोश नहीं है कोई
दिल तलबगार मेरी बात कहाँ सुनता है

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तलबगार वह है जो गहराई से कुछ पाने की इच्छा से प्रेरित होकर खोज करता है। कविता में, यह सपनों या प्रेम की बेचैन खोज को दर्शाता है, एक यात्रा जो आशा और लालसा से भरी होती है।

कवि अक्सर तलबगार को मानव आकांक्षा के प्रतीक के रूप में चित्रित करते हैं। इसका उपयोग सत्य, सुंदरता, या पूर्णता की निरंतर खोज को दर्शाने के लिए किया जाता है। यह शब्द लालसा और उसे पाने के साहस का सार पकड़ता है।

तलबगार शाश्वत मानव खोज का प्रतीक है, इच्छा और नियति के बीच का एक नृत्य।