Meaning of

तवज़्ज़ोह

tavazzoh • توجہ

ध्यान; एकाग्रता; विचार

attention; focus; consideration

توجہ; ارتکاز; غور

Arabic

साहब मेरे को इतनी तवज्जोह तो दीजिए
जो पीठ पीछे आप की इज़्ज़त भी कर सकूँ

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तोड़ कर तुझ को भला मेरा भी क्या बन जाता
उल्टा मैं ख़ुद की मुहब्बत प सज़ा बन जाता

जितनी कोशिश है तिरी एक तवज्जोह के लिए
उस सेे कम में तो मैं दुनिया का ख़ुदा बन जाता

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कभी यक-ब-यक तवज्जोह कभी दफ़अ'तन तग़ाफ़ुल
मुझे आज़मा रहा है कोई रुख़ बदल बदल कर

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अब ऐसे ज़ाविए पर लौ रखी जाने लगी है
चराग़ों के तले भी रौशनी जाने लगी है

नया पहलू सलीक़े से बयाँ करना पड़ेगा
कहानी अब तवज्जोह से सुनी जाने लगी है

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ग़म जुदाई और ढांढस में पढ़ेंगे
इश्क़ में तो यार बोनस में पढ़ेंगे

आज मत दे मेरे शे'रों पे तवज्जोह
कल तेरे बच्चे सिलेबस में पढ़ेंगे

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मैं अकेला हूँ मगर खूब तजुर्बा है मुझे
कारवां दूर तलक कैसे खींचना है मुझे

मैं हमेशा से ही देता रहा तवज्जोह तुझे
ग़ौर से तू ही कहाँ यार देखता है मुझे

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मौत तो पहले बहुत दिन पहले मुझ को आ गई
मैं मगर कुछ दिन तवज्जोह के लिए बीमार था

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मुझ को भी इतनी तवज्जोह तो दे
मेरी आँखों में नमी आ जाए

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है घर कपड़ा है रोटी भी मगर फिर भी ग़रीबी है
न उस की कुछ तवज्जोह जो मेरी सब सेे क़रीबी है

उसे मुझ सेे शिकायत है कि उस को भूल बैठा हूँ
ये मेरी ख़ुश-नसीबी है या मेरी बद-नसीबी है

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जज़्बात हो रहे गुम पर कौन दे तवज्जोह
इंसान का जहाँ मरना आम सी ख़बर हो

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साहब मेरे को इतनी तवज्जोह तो दीजिए
जो पीठ पीछे आप की इज़्ज़त भी कर सकूँ

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तोड़ कर तुझ को भला मेरा भी क्या बन जाता
उल्टा मैं ख़ुद की मुहब्बत प सज़ा बन जाता

जितनी कोशिश है तिरी एक तवज्जोह के लिए
उस सेे कम में तो मैं दुनिया का ख़ुदा बन जाता

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मूल रूप से 'तवज़्ज़ोह' का अर्थ है किसी चीज़ की ओर ध्यानपूर्वक और इरादतन मन लगाना। कविता में, यह शब्द अक्सर किसी प्रिय या गहरे विचार की ओर भावनात्मक और आध्यात्मिक ध्यान को समेटता है।

'तवज़्ज़ोह' का उपयोग कवि प्रेमी की आँखों पर ध्यान की तीव्रता या जीवन के रहस्यों पर गहन विचार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह विचलन के विपरीत है, अविभाजित ध्यान की पवित्रता को उजागर करता है।

'तवज़्ज़ोह' प्रेम और विचार में केंद्रित ध्यान की शक्ति की कोमल याद दिलाता है।