Meaning of

तोहमत

tohmat • تہمت

आरोप; दोष; इल्ज़ाम

accusation; blame; charge

الزام; تہمت; قصور

Arabic

ऐबों से जिन का सारा गिरेबान चाक है
तोहमत लगा रहे हैं वो किरदार पर मेरे

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तुम्हारे शहर में तोहमत है ज़िंदा रहना भी
जिन्हें अज़ीज़ थीं जानें वो मरते जाते हैं

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तोहमत उतार फेंकी लबादा बदल लिया
ख़ुद को ज़रूरतों से ज़ियादा बदल लिया

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उस हिज्र पे तोहमत कि जिसे वस्ल की ज़िद हो
उस दर्द पे ला'नत की जो अश'आर में आ जाए

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नाहक़ हम मजबूरों पर ये तोहमत है मुख़्तारी की
चाहते हैं सो आप करें हैं हम को अबस बदनाम किया

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बहार के दिन हैं ये पुराने तुम्हें पता है हमें पता है
ये सारे तोहमत के हैं फ़साने तुम्हें पता है हमें पता है

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अधूरी रही ये तलब आशिक़ी की
मुकम्मल जो कलतक था वो सब धुआँ है

ये ज़हमत,ये तोहमत, ये रातों का जगना
तुम्हें चाहना सब के बस का कहाँ है

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हम को क्यूँ बख़्शो हो प्यारे तोहमत से
कौन अजीजों के मेरे है कान भरे

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बड़ा ज़ालिम ज़माना है दया आई नहीं उस पर
लगा तोहमत तवायफ़ की जवानी बेच दी उस की

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मेरी मजबूरी पे तोहमत ही लगाने आओ
जान फिर से किसी दिन मुझ को रुलाने आओ

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ऐबों से जिन का सारा गिरेबान चाक है
तोहमत लगा रहे हैं वो किरदार पर मेरे

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तुम्हारे शहर में तोहमत है ज़िंदा रहना भी
जिन्हें अज़ीज़ थीं जानें वो मरते जाते हैं

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'तोहमत' शब्द अन्यायपूर्ण आरोप या दोष का भार वहन करता है। कविता में, यह अक्सर विश्वासघात, गलतफहमी, और गलत तरीके से आंका जाने के दर्द के विषयों का अन्वेषण करता है।

कवि 'तोहमत' का उपयोग झूठे आरोपों के कष्ट में गहराई से उतरने के लिए करते हैं। यह मासूमियत के विपरीत होता है, सत्य और मुक्ति के संघर्ष को उजागर करता है।

संदेह की छाया में, 'तोहमत' न्याय और समझ के लिए हृदय की पुकार को प्रतिध्वनित करता है।