Meaning of

वाक़िफ़

waaqif • واقف

जानकार; परिचित; अवगत

aware; informed; acquainted

واقف; باخبر; آگاہ

Arabic

दोस्त हम वो लोग जो लड़ते रहे बस
हिज्र से हम बाप दादा मुफ़लिसी से

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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से
वो और थे जो हार गए आसमान से

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मुफ़लिसी थी और हम थे घर के इकलौते चराग़
वरना ऐसी रौशनी करते कि दुनिया देखती

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मैं वाक़िफ़ जुदा रास्तों से नहीं थी
ये ज़िद साथ चलने की वरना न करती

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कि हारा नहीं है ये जो रो रहा है
कि ख़्वाबों से झगड़ा अभी हो रहा है

हक़ीक़त से वाक़िफ़ ज़माना बहुत है
ये लड़का ग़रीबी से सब खो रहा है

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इसी लिए तो है ज़िंदाँ को जुस्तुजू मेरी
कि मुफ़लिसी को सिखाई है सर-कशी मैं ने

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शायद कि वो वाक़िफ़ नहीं आदाब-ए-सफ़र से
पानी में जो क़दमों के निशाँ ढूँड रहा था

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तू तो वाक़िफ़ है रिवाज़-ए-ग़म से इस के
इश्क़ तो तेरा भी ये पहला नहीं है

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घर के लिए जो वक़्त बचा कर रखा था मैं
यूँँ मुफ़लिसी हुई कि उसे बेंचना पड़ा

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तज़ुर्बा ये हुआ है ज़िन्दगी में
न होता कोई अपना मुफ़लिसी में

ज़बाँ ज़ख़्मों को मेरे मिल गई है
उन्हें शामिल किया जब शा'इरी में

ग़ज़ब का दिल बनाया है ख़ुदा ने
छलक पड़ते हैं आँसू भी ख़ुशी में

ख़ुशी का एक लम्हा कीमती है
हज़ारों ग़म हैं लेकिन ज़िन्दगी में

बुरा हूँ मैं मुझे अच्छा कहा है
शराबी ने यक़ीनन बेख़ुदी में

मुझे हँसता हुआ देखा तो कहते वो
कोई तो बात है इस आदमी में

मेरे रब मुझ को ये तौफ़ीक़ दे दे
रहूँ हँसता सदा ग़म और ख़ुशी में

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दोस्त हम वो लोग जो लड़ते रहे बस
हिज्र से हम बाप दादा मुफ़लिसी से

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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से
वो और थे जो हार गए आसमान से

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'वाक़िफ़' शब्द गहरी समझ और परिचय का भाव उत्पन्न करता है। कविता में, यह अक्सर दिल के रहस्यों या दुनिया के छुपे हुए सत्य की गहन जानकारी का संकेत देता है। यह केवल जागरूकता नहीं, बल्कि विषय के साथ एक गहरा संबंध दर्शाता है।

'वाक़िफ़' का उपयोग कवि प्रेमियों के बीच समझ की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह जीवन के रहस्यों में एक ज्ञानी की अंतर्दृष्टि को भी दर्शा सकता है। यह अज्ञानता के विपरीत है, ज्ञान की सुंदरता को उजागर करता है।

कविता में, 'वाक़िफ़' आत्मा के छुपे हुए परिदृश्यों का पुल है। यह पाठकों को समझ की गहराइयों की खोज करने के लिए आमंत्रित करता है।