Meaning of

ज़ख़्म-ए-दिल

zakham-e-dil • زخم دل

दिल का घाव; भावनात्मक निशान

wound of the heart; emotional scar

دل کا زخم; جذباتی نشان

Persian

हुआ है वक़्त का हम पर करम ये
ज़रा सा ज़ख़्म दिल का सिल गया है

गँवा कर अपनी कश्ती सोचते हैं
ग़नीमत है किनारा मिल गया है

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ज़ख़्म दिल पर हज़ार करता है
और कहता है प्यार करता है

दर्द दिल में उतर गया कैसे
कोई अपना ही वार करता है

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बे वफ़ा शख़्स तेरा नाम भी मुँह से लेना
इज़्ज़त-ए-नफ़्स की तौहीन समझता हूँ मैं

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ज़ख़्म दिल के भरे नहीं अब तक
और इक दर्द फिर हरा कर लूँ

अब भरोसा नहीं किसी का पर
तू कहे तो यक़ीं तिरा कर लूँ

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ऐ मिरी जाँ मिरे दिल को क्या हो गया
लगता है ज़ख़्म दिल का हरा हो गया

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उस के हाथों में कुद्रत ने ऐसी दी है मसीहाई
सीने पर वो हाथ रखे तो ज़ख्म-ए-दिल भर जाता है

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क्यूँँ ज़ख़्म दिल का मिटा दूँ भला दवा कर के
ये मेरे पास तेरी आख़िरी निशानी हैं

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मिरे ज़ख़्म-ए-दिल का दवा नइँ हुआ
कि जिस को भी चाहा मिरा नइँ हुआ

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इज़्ज़त-ए-नफ़्स गर बचानी हैं
तो अमीरों से दूरियाँ रखो

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काम मुश्किल था मगर कर जाता
ज़ख़्म-ए-दिल मेरा कोई भर जाता

सिगरटों ने मुझे बचाया है
गर न पीता इन्हें तो मर जाता

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हुआ है वक़्त का हम पर करम ये
ज़रा सा ज़ख़्म दिल का सिल गया है

गँवा कर अपनी कश्ती सोचते हैं
ग़नीमत है किनारा मिल गया है

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ज़ख़्म दिल पर हज़ार करता है
और कहता है प्यार करता है

दर्द दिल में उतर गया कैसे
कोई अपना ही वार करता है

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ज़ख्म-ए-दिल एक भावनात्मक घाव की छवि को उभारता है, जो प्रेम या हानि से छोड़ा गया निशान है। कविता में, यह उस स्थायी दर्द का प्रतीक है जो आत्मा को आकार देता है।

कवि ज़ख्म-ए-दिल का उपयोग दिल के दर्द की गहराई और भावनात्मक निशानों की मौन सहनशीलता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आनंद की क्षणभंगुर प्रकृति के विपरीत है।

ज़ख्म-ए-दिल प्रेम की परीक्षाओं की मौन गूंज को पकड़ता है, दिल की दृढ़ता का प्रमाण है।