Meaning of

ज़नाज़े

zanaaze • جنازے

अंत्येष्टि; शवयात्राएँ

funerals; processions

جنازے; جلوس

Arabic

मैं उस की याद ही के जनाज़े को ढो रहा
या'नी कि मेरी रूह को आराम मिल गया

2

Download Image

जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों
मोहब्बत करने वाला जा रहा है

126

Download Image

बहुत जनाज़े थे रास्ते में
क़दम भी हम गिन न पाए अपने

29

Download Image

और फिर दफ़्न कर दिया मुझ को
देर करते नहीं जनाज़े में

6

Download Image

हिज्र का फर्ज़ निभाया है मैं ने शिद्दत से
साल दो साल तलक मैं भी रहा हूँ तन्हा

ख़्वाब तुम ने जो दिखाए थे मुझे उल्फ़त में
मैं जनाज़े के तले उन के दबा हूँ तन्हा

6

Download Image

ख़्वाबों में सही रोज़ सताने के लिए आ
आ फिर से मिरे दिल को चुराने के लिए आ

हर कोई समझता है मुझे काँच का मरहम
कुछ और हूँ मैं इनको बताने के लिए आ

हर बार तिरे बस में कहाँ मुझ को उठाना
इस बार निगाहों से गिराने के लिए आ

वो रात वही दिन वही तन्हाई का आलम
आँखों में वही प्यास जगाने के लिए आ

साँसों के चराग़ाँ तिरी ज़ुल्फ़ों ने बुझाए
अब तू ही जनाज़े को उठाने के लिए आ

इक तेरे सिवा था ही मिरा कौन जहाँ में
सो क़ब्र की भी रस्म निभाने के लिए आ

जिन दस्त-ए-मुबारक में मिरी जान बसी थी
मस्जिद में वही हाथ उठाने के लिए आ

4

Download Image

न छेड़ो जनाज़े को मेरे
सुकूँ से है सोना मुझे अब

3

Download Image

तेरी बातों के सहारे ये कहानी लिखी है
तेरी यादों के हवाले ये कहानी लिखी है

एक तोहफ़ा रखा है तेरे लिए काफ़िर ने
इस जनाज़े के किनारे ये कहानी लिखी है

3

Download Image

थी सात जन्म साथ रहने की क़सम मगर
शरीक भी हुआ न मेरे वो जनाज़े में

2

Download Image

तुम बस ज़रा सा मुस्कुरा दो दोस्तो
मेरे जनाज़े पर दुखी तो सब ही हैं

2

Download Image

मैं उस की याद ही के जनाज़े को ढो रहा
या'नी कि मेरी रूह को आराम मिल गया

2

Download Image

जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों
मोहब्बत करने वाला जा रहा है

126

Download Image

'ज़नाज़े' शब्द गंभीरता और शोक की छवियों को सामने लाता है। कविता में, यह अक्सर जीवन की अंतिमता और मृत्यु के साथ आने वाले अनुष्ठानों का प्रतीक है। यह सामूहिक शोक और समय के गुजरने की भावना को जगाता है।

कवि 'ज़नाज़े' का उपयोग मृत्यु, हानि, और अपरिहार्य अंत के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह जीवन के उत्सवों के विपरीत है, अक्सर मानव अस्तित्व की गंभीर वास्तविकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ज़नाज़े' जीवन की क्षणभंगुरता की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह दिल के गहरे दुखों और विदाई की अपरिहार्यता को व्यक्त करता है।