Meaning of

ज़ियाँ-काराना

ziyaan-kaaraana • قی

विनाशकारी; विध्वंसक

destructive; ruinous

تباہ کن; برباد کن

Persian

मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया
और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया

मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग
मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

390

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई
लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

841

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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा
वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा

मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ
मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा

753

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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए
तुम मेरी जान किस गुमान में हो

563

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ
मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ

ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो
वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

523

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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है

489

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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं
फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं

484

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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था
जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था

444

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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम
आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ
ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है

तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें
ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है

395

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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया
और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया

मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग
मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई
लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

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ज़ियाँ-काराना विनाश और हानि की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर पतन या क्षय की ओर ले जाने वाली शक्तियों का प्रतीक होता है।

कवि इसे सौंदर्य या शक्ति के अपरिहार्य पतन को चित्रित करने के लिए उपयोग करते हैं। यह वृद्धि और नवीनीकरण के शब्दों के विपरीत है, जीवन के चक्र को उजागर करता है।

ज़ियाँ-काराना सांसारिक चीजों की क्षणभंगुर प्रकृति को पकड़ता है। यह हमें सृजन और विनाश के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।