Meaning of

ज़ुबानी

zubaani • زبانی

मौखिक; वाचिक

oral; verbal

زبانی; گفتاری

Arabic

भरोसा भाईयों पर कर रहा हूँ
वसीयत तक ज़ुबानी चल रही है

3

Download Image

फूल के होंठों से ख़ुश्बू के मआ'नी सुन कर
अपना शे'र अच्छा लगा तेरी ज़ुबानी सुन कर

32

Download Image

ये शबनमी लहजा है आहिस्ता ग़ज़ल पढ़ना
तितली की कहानी है फूलों की ज़बानी है

24

Download Image

नताएज जब सर-ए-महशर मिलेंगे
मोहब्बत के अलग नंबर मिलेंगे

तुम्हारी मेज़बानी के बहाने
कोई दिन हम भी अपने घर मिलेंगे

21

Download Image

सुने जाते न थे तुम सेे मिरे दिन रात के शिकवे
कफ़न सरकाओ मेरी बे-ज़बानी देखते जाओ

18

Download Image

प्रेम का दिन है मगर मैं ग़म में हूँ
मुझ को पुलवामा ज़बानी याद है

7

Download Image

तेरे जाने का मुझ पे रहा ये करम
हूँ मैं जिन्दा मगर हो गया हूँ खतम

4

Download Image

चाहूँ तो मालूम हो हर लम्स तेरा हिस्सा
मज़ा तो तब है जब तेरी ज़ुबानी हो तेरा क़िस्सा

3

Download Image

अपने दिल के क़त्ल की सारी कहानी याद है
उस का चेहरा अब भी मुझ को मुँह ज़ुबानी याद है

3

Download Image

मैं सोच रहा होता हूँ बात खतम हो जाए
वो क़िस्सा कोई नया सुनाने लगती है

मैं जब भी उस सेे दूर निकलने लगता हूँ
वो मुझ को अपने पास बुलाने लगती है

3

Download Image

भरोसा भाईयों पर कर रहा हूँ
वसीयत तक ज़ुबानी चल रही है

3

Download Image

फूल के होंठों से ख़ुश्बू के मआ'नी सुन कर
अपना शे'र अच्छा लगा तेरी ज़ुबानी सुन कर

32

Download Image

मूल रूप से, 'ज़ुबानी' बोले गए शब्द को दर्शाता है, जो आवाज़ की शक्ति और भाषण की तात्कालिकता पर जोर देता है। कविता में, यह उन शब्दों का सार पकड़ता है जो जीवित हैं, श्रोता की आत्मा के साथ गूंजते हैं।

कवि अक्सर 'ज़ुबानी' का उपयोग बोले गए शब्दों की क्षणभंगुर प्रकृति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह लिखित शब्दों के विपरीत है, जो आवाज़ के माध्यम से साझा किए गए क्षण की क्षणिक सुंदरता को पकड़ता है।

कविता में, 'ज़ुबानी' शब्दों में जीवन भर देता है, उन्हें हवा में नाचने देता है इससे पहले कि वे गायब हो जाएँ।