मैं सोच रहा होता हूँ बात खतम हो जाएवो क़िस्सा कोई नया सुनाने लगती हैमैं जब भी उस से दूर निकलने लगता हूँवो मुझ को अपने पास बुलाने लगती है— Amit Joshi anhad