वक़्त की बात है सब वक़्त की नज़ाकत हैअब ग़ुलामों की शहंशाहों पर हुकूमत हैशख़्स वो जिस को कभी आसतीं में पाला थाअब उसे मुझ से खुलेआम ही हक़ारत है— Nityanand Vajpayee