मोहब्बत करने वालों का यही अंजाम होता है
तड़पना उन की क़िस्मत में तो सुब्ह-ओ-शाम होता है
हमेशा के लिए दुनिया में दो दिल मिल नहीं सकते
नज़र मिलना जुदाई का ही इक पैग़ाम होता है
न दिल में चैन है हम को न रातों को क़रार आए
बता दे कोई दुनिया में कहाँ आराम होता है
मिरी बर्बादियाँ भी देख लीं तुम ने जहाँ वालो
जो करता है मोहब्बत वो यूँँ ही नाकाम होता है
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