लोग देते हैं झूठी ख़बर दोस्तो
प्यार करना तो आएँ इधर दोस्तो
एक चाहत तड़प चार-छह 'उम्रें बस
कितना आसाँ है दिल का सफ़र दोस्तो
जब वो लड़की गई थी हमें छोड़कर
हम भी रोए बहुत थे मगर दोस्तो
मन में आता है अब भूल जाएँ उसे
क्या करें हम जिगर हैं जिगर दोस्तो
उम्र में इश्क़ होगा फ़क़त इक दफ़ा
किसने फैला दी झूठी ख़बर दोस्तो
इश्क़ करने की है कितनी दिलकश सज़ा
यूँँ दहकता है अब भी जिगर दोस्तो
जो मेरे दिल का चैन-ओ-सुकूँ छीन ले
भाड़ में जाए ऐसा सफ़र दोस्तो
हम भटक कर भी जाएँ तो जाएँ कहाँ
हम पे चिल्लाती है रहगुज़र दोस्तो
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