apna daaman main chhudaauun to ghazal kah dena | अपना दामन मैं छुड़ाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

  - Reshma Shaikh

अपना दामन मैं छुड़ाऊँ तो ग़ज़ल कह देना
और गर तुझ को भुलाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

दिल में रख हौसला आँखों में वफ़ा और इस पर
साथ तेरा न निभाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

तूने पाज़ेब सजाई जो मिरे पैरों में
उस की आवाज़ सुनाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

ज़िंदगी याद ख़यालों में अभी बाक़ी तू
जब तुझे दिल से मिटाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

तू अगर रूठ भी जाए ये ज़माने भर से
देख मैं तुझको मनाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

ये ज़माने ने मुझे यार सताया कितना
दर्द सारे ये सुनाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

अब भला कौन मेरे ज़ख़्म पे मरहम रखता
मैं अगर ज़ख़्म छुपाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

फूल शबनम ये कली चाॅंद सितारों के संग
नींद तेरी भी उड़ाऊँ तो ग़ज़ल कह देना

  - Reshma Shaikh

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