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दुनिया-दारी दुनिया-दारी होती है  - Shaad Imran

दुनिया-दारी दुनिया-दारी होती है
लेकिन सबकी कुछ तैयारी होती है

उसको अपने पास बिठा लेने से ही
धड़कन तेज़ और सांसें भारी होती है

सहरा पर सैलाब का खतरा रहता है
वैसी आंखें जब भी तारी होती है

'शाद' तू सब कुछ बढ़ा चढ़ा के कहता है
कौनसी लड़की इतनी प्यारी होती है ?

- Shaad Imran

Satire Shayari

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