दुनिया-दारी दुनिया-दारी होती है
लेकिन सबकी कुछ तैयारी होती है
उस को अपने पास बिठा लेने से ही
धड़कन तेज़ और सांसें भारी होती है
सहरा पर सैलाब का ख़तरा रहता है
उस की आँखें जब भी तारी होती है
उन लोगों पे ग़ज़लें लिखना फ़र्ज़ हुई
जिन लोगों से उस की यारी होती है
'शाद' तू सब कुछ बढ़ा चढ़ा के कहता है
कौन सी लड़की इतनी प्यारी होती है ?
— Shaad Imran















