तमाम ख़ुशियों को बस एक ग़म ने घेर लिया

अजीब है कि ज़ियादा को कम ने घेर लिया

कनीज़ें माल-ए-ग़नीमत के साथ आती रहीं
महल का निस्फ़ कम-अज़-कम हरम ने घेर लिया

पता था उस से बिछड़ते ही दोस्त घेरेंगे
वही हुआ मुझे रंज-ओ-अलम ने घेर लिया

मुक़द्दसात की निगरानी करना पड़ती है
इसी उसूल के तहत उस को हम ने घेर लिया

— Umair Najmi

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