Shruti chhaya

Top 10 of Shruti chhaya

    मौत बस तू जिस्म ले जा सकती है
    और तो कुछ भी तेरे बस का नहीं
    Shruti chhaya
    1 Like
    जिसको छोड़ा छोड़ दिया
    अपनी ज़िद के पक्के हम

    दरियाओं की बात न कर
    सहराओं में डूबे हम
    Read Full
    Shruti chhaya
    3 Likes
    यार मुसलसल नखरा करना अच्छा नइँ
    ग़ैर के दिल पे क़ब्ज़ा करना अच्छा नइँ

    फ़लाँ फ़लाँ से क्या बातें करते हो तुम
    रोज़ इसी का झगड़ा करना अच्छा नइँ

    देख हमें बदनाम न कर दे ये दुनिया
    इश्क़ का सबसे चर्चा करना अच्छा नइँ

    क्या ऐसे हर बात पे रोया करती हो
    जान मेरी दिल कच्चा करना अच्छा नइँ

    जितनी चादर उतने पैर पसारा कर
    हद से ज्यादा ख़र्चा करना अच्छा नइँ
    Read Full
    Shruti chhaya
    2 Likes
    किसी दिन हादसा गुज़रेगा कोई
    गुज़र जाएँगे हम भी हादसे में
    Shruti chhaya
    1 Like
    अब अना की बात है छाया सुनो
    और सर मैं अब झुका सकती नहीं
    Shruti chhaya
    2 Likes
    किसे सूरज किसे चंदा कहें हम
    किसे अब आँख का तारा कहें हम

    तेरे दर से भी हम प्यासे ही लौटे
    बता कैसे तुझे दरिया कहें हम

    वफ़ा की आबरू रखनी है हमको
    तो तुझको किसलिए झूटा कहें हम

    तुम्हीं से थी महज़ दुनिया हमारी
    तुम्हीं बोलो किसे दुनिया कहें हम

    हजारों ज़ख़्म दिल से आ लगें हैं
    किसे आला किसे अच्छा कहें हम

    मुहब्बत ने हमारी जान ली है
    इसे अब ज़हर की पुड़िया कहें हम
    Read Full
    Shruti chhaya
    3 Likes
    पूरी उम्र गुज़ारी हमने एक खिलौने की ज़िद पर
    यानी पूरी उम्र ही हमने दिल को बच्चा रक्खा है
    Shruti chhaya
    3 Likes
    बिल्कुल ऐसे तेरा रस्ता तकती हूँ
    जैसे शबरी राम का रस्ता तकती थी
    Shruti chhaya
    1 Like
    हाल तुम्हारा किस से जाकर पूछूँ मैं
    हम दोनों के बीच में कोई दोस्त नहीं
    Shruti chhaya
    6 Likes
    दो नन्हीं कलियों ने रोक लिया वरना
    तितली ने तो आज धतूरा खाना था
    Shruti chhaya
    2 Likes

Top 10 of Similar Writers