Anwar Jalalpuri

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@anwar-jalalpuri

Anwar Jalalpuri shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anwar Jalalpuri's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब नाम नहीं काम का क़ाएल है ज़माना अब नाम किसी शख़्स का रावन न मिलेगा — Anwar Jalalpuri
कोई पूछेगा जिस दिन वाक़ई ये ज़िंदगी क्या है ज़मीं से एक मुट्ठी ख़ाक ले कर हम उड़ा देंगे — Anwar Jalalpuri

Ghazal

पराया कौन है और कौन अपना सब भुला देंगे मता-ए-ज़िंदगानी एक दिन हम भी लुटा देंगे तुम अपने सामने की भीड़ से होकर गुज़र जाओ कि आगे वाले तो हर गिज़ न तुम को रास्ता देंगे जलाए हैं दिए तो फिर हवाओ पर नज़र रखो ये झोकें एक पल में सब चराग़ों को बुझा देंगे कोई पूछेगा जिस दिन वाक़ई ये ज़िन्दगी क्या है ज़मीं से एक मुठ्ठी ख़ाक ले कर हम उड़ा देंगे गिला, शिकवा, हसद, कीना, के तोहफ़े मेरी किस्मत है मेरे अहबाब अब इस सेे ज़ियादा और क्या देंगे मुसलसल धूप में चलना चिराग़ों की तरह जलना ये हंगा में तो मुझ को वक़्त से पहले थका देंगे अगर तुम आ समाँ पर जा रहे हो, शौक़ से जाओ मेरे नक़्शे क़दम आगे की मंज़िल का पता देंगे — Anwar Jalalpuri
सोच रहा हूँ घर आंगन में एक लगाऊँ आम का पेड़ खट्टा खट्टा, मीठा मीठा या'नी तेरे नाम का पेड़ एक जोगी ने बचपन और बुढ़ापे को ऐसे समझाया वो था मेरे आग़ाज़ का पौधाये है मेरे अंजाम का पेड़ सारे जीवन की अब इस सेे बेहतर होगी क्या तस्वीर भोर की कोंपल, सुब्ह के मेवे, धूप की शाख़ें, शाम का पेड़ कल तक जिस की डाल डाल पर फूल मसर्रत के खिलते थे आज उसी को सब कहते हैं रंज-ओ-ग़म-ओ-आलाम का पेड़ इक आंधी ने सब बच्चों से उन का साया छीन लिया छांव में जिन की चैन बहुत था जो था जो था बड़े आराम का पेड़ नीम हमारे घर की शोभा जामुन से बचपन का रिश्ता हम क्या जाने किस रंगत का होता है बादाम का पेड़ — Anwar Jalalpuri