वो मेरी दुनिया का हिस्सा थी मेरी दुनिया नहीं
    इक शजर कटने से वन वीरान हो जाएगा क्या
    Balmohan Pandey
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    फोन भी आया तो शिकवे के लिए
    फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ

    रास्ते की मुश्किलें तो जान लूँ
    आता होगा उसका ठुकराया हुआ
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    Balmohan Pandey
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    सारी दुनिया की निगाहों से बचाकर रखना,
    अपनी आँखों में ही हर दर्द का ज़ेवर रखना

    उसको आदत ये परेशान बहोत रक्खेगी,
    उसकी आदत थी मेरा हाथ पकड़कर रखना

    इसका क्या शिकवा उसे रोक नहीं पाए हम,
    एक मुफ़लिस को कहाँ आता है ज़ेवर रखना

    हाय! वो इश्क़ छिपाने के ज़माने मोहन!
    याद आता है गलत नाम से नम्बर रखना
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    Balmohan Pandey
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    हम हैं रहे-उम्मीद से बिल्कुल परे परे
    अब इंतज़ार आपका कोई करे! करे!

    मैंने तो यूँ ही अपनी तबीयत सुनाई थी
    तुम तो लगीं सफाइयाँ देने, अरे! अरे!
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    Balmohan Pandey
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    इसीलिए मैं बिछड़ने पर सोगवार नहीं,
    सुकून पहली ज़रूरत है, तेरा प्यार नहीं!

    जवाब ढ़ूंढ़ने में उम्र मत गँवा देना,
    सवाल करती है दुनिया पर एतबार नहीं
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    Balmohan Pandey
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    सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम है
    जहाँ शाइर ज़ियादा हैं वहाँ पर शाइरी कम है

    मैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरी
    वहाँ ले जाइए मुझको जहाँ पर रौशनी कम है
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    Balmohan Pandey
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    हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है
    ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया

    ग़मों से बैर था सो हमने ख़ुदकुशी कर ली
    शजर ने गिर के परिन्दों से इन्तेक़ाम लिया
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    Balmohan Pandey
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    जो शेर समझे मुझे दाद वाद देता रहे
    गले लगाए जिसे ग़म समझ में आ जाए
    Balmohan Pandey
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    हाए वो इश्क़ छुपाने के ज़माने 'मोहन'
    याद आता है ग़लत नाम से नंबर रखना
    Balmohan Pandey
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    एक मुझे ख़्वाब देखने के सिवा
    चाय पीने की गंदी आदत है
    Balmohan Pandey
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