हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Dhiraj Singh 'Tahammul'
SHER
है सहज स्वीकार जो जीवन पे वो अपवाद तुम
ज़िंदगी अवसाद है अवसाद में उन्माद तुम
Dhiraj Singh 'Tahammul'
10
SHER
घूमता है दिल में मेरे एक नम ख़याल
किस तरह से खोजते हैं लोग हम ख़याल
Dhiraj Singh 'Tahammul'
9
SHER
इशारों ही में हाल-ए-दिल मैं सारा खोल जाता हूँ
बहुत ख़ामोश रह कर भी बहुत कुछ बोल जाता हूँ
Dhiraj Singh 'Tahammul'
8
SHER
वस्ल की शब इंतज़ारी में मरे कोई यहाँ
आरज़ू–ए–इश्क़ में क्या–क्या करे कोई यहाँ
Dhiraj Singh 'Tahammul'
7
SHER
बन कर कसक चुभती रही दिल में मिरे इक आह थी
ऐ हम–नफ़स मेरे मुझे तुझ सेे वफ़ा की चाह थी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
6
SHER
अभी हम को मुनासिब आप होते से नहीं लगते
ब–चश्म–ए–तर मुख़ातिब हैं प रोते से नहीं लगते
Dhiraj Singh 'Tahammul'
5
SHER
हुस्न बख़्शा जो ख़ुदा ने आप बख़्शें दीद अपनी
आरज़ू–ए–चश्म पूरी हो मुकम्मल ईद अपनी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
4
SHER
ख़ून से जोड़ा हुआ हर ईंट ढेला हो गया
दो तरफ़ चूल्हे जले औ' घर अकेला हो गया
Dhiraj Singh 'Tahammul'
3
SHER
ज़ख़्म लगे हैं कितने दिल पर याद करूँँ या तुम को देखूँ
शाद नहीं हूँ मैं तुम को नाशाद करूँँ या तुम को देखूँ
Dhiraj Singh 'Tahammul'
2
SHER
फ़क़त हम ही नहीं रुसवा हुए हैं जान दिल्ली में
कई शाहों के टूटे हैं यहाँ अरमान दिल्ली में
Dhiraj Singh 'Tahammul'
1
Shruti chhaya
Khan Janbaz
Almas Rizvi
Sarika saransh
Sana Hashmi
Toyesh prakash
Aakash Giri
Krishan Kant Saini
Kaif Uddin Khan
Chhayank Tyagi